गया के कुख्यात उमेश यादव को जिला पुलिस और एसटीएफ की टीम की ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। उमेश यादव की तलाश काफी वक्त से थी। लेकिन ये पुलिस को बार-बार चकमा दे रहा था। बदमाश फतेहपुर प्रखंड के ठेकही गांव से अरेस्ट किया गया है। इसकी गिरफ्तारी फिल्मी स्टाइल में एसटीएफ की टीम ने की है। अपराधी को गिरफ्त में लेने के लिए एसटीएफ की टीम को गांव में घूम-घूम कर कभी आइसक्रीम तो कभी साड़ी बेचनी पड़ी।
कई वारदात को दे चुका है अंजाम
उमेश यादव बीते डेढ़ दशक से इलाके में हत्या, लूट, डकैती और गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देता चला आ रहा था। उसके नाम का इलाके में ऐसा खौफ था कि उसके खिलाफ कई मामलों में पीड़ित केस दर्ज कराने से भी मुकर जाते थे। बावजूद इसके उसके खिलाफ टनकुप्पा और फतेहपुर थाने में 5 से अधिक केस दर्ज हैं। टॉप टेन अपराधियों की लिस्ट उमेश यादव का नाम शामिल होने के बाद पटना एसटीएफ की टीम सक्रिय हो गई। वजीरगगंज डीएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। अजय सिंंह की टीम और एसटीएफ दोनों ने मिलकर जाल बिछाना शुरू कर दिया।
सूत्रों की मानें तो एसटीएफ की टीम को यह जानकारी मिली की उमेश यादव ठेकही गांव को अपना ठिकाना बना चुका है। टीम ने उसे घेरने की पूरी प्लानिंग की और गांव में कभी आइसक्रीम तो कभी साड़ी बेचने वाले का रूप धर कर पूरी जानकारी इकट्ठा की। उसके बाद टीम उमेश यादव के गांव से बाहर निकलने का इंतजार करने लगी। गुरुवार टीम ने ईंट भट्ठे पर उमेश यादव और उसके साथी ब्रह्मदेव को अरेस्ट कर लिया। बताया जाता है कि दोनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे।
पूरी प्लानिंग के साथ किया अरेस्ट
जिला पुलिस औैर पटना एसटीएफ को गया जिले के टॉप टेन मेंं शुमार अपराधी को पकड़ने के लिए एक महीने में कई प्रकार के पापड़ बेलने पड़े हैं। एसटीएफ के जवान को फतेहपुर प्रखंड में कभी आइसक्रीम तो भी कभी मसाला तो कभी साड़ी तो कभी मशहरी बेचने पड़ गए थे। इसके बाद ही एसटीएफ की टीम को प्रखंड के ठेकही गांव से उमेश यादव उर्फ पहलवान जी और ब्रह्मदेव यादव को गिरफ्तार करने में सफलता मिल सकी है।



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