जमुई-गिधौर इलाके के मौरा गांव के किसान महादेव मंडल 65 वर्ष, तीन दशकों से नर्सरी की खेती के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संजीवनी देने का काम कर रहे हैं। लगभग 100 अलग-अलग किस्म के पौधे उनके नर्सरी में उपलब्ध है।मौरा गांव के किसान महादेव मंडल नर्सरी की स्थापना 30 वर्ष पूर्व बेहद कम साधन और संसाधनों के साथ पर्यावरण संरक्षण की ओर अपना कदम बढ़ाया। आज इनकी मेहनत की चर्चा जमुई के साथ-साथ अंतर जिला मे हो रही है।
महादेव वर्मा नर्सरी का प्रशिक्षण पश्चिम बंगाल से लिए है। इस क्षेत्र में इनकी निपुणता को देखते हुए वर्ष 2014 में कृषि विज्ञान केन्द्र जमुई द्वारा सार्वजनिक मंच पर जिला प्रशासन ने सम्मानित भी किया था। इन्हें दर्जनों प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया है।नर्सरी में वे स्वयं ही विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार करते हैं।
इनकी नर्सरी में 40,000 पौधे तैयार हैं। इसमें विभिन्न किस्म के पौधे अमरूद,सागवान,गमहार,महगोनी,सखुवा,अर्जुन,,आम,लीचीअनार,काजगी नीबू,कटहल,शरीफ़ा के अलावे दर्ज़नों छायादार पौधे शामिल हैं।
महादेव मंडल बताते हैं कि नर्सरी से साल के 5 से 6 लाख रुपए कमा लेते हैं।तकरीबन 65 वर्ष के महादेव मण्डल युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहे हैं।अपने लगनशीलता से अंतरप्रांतीय पुरस्कार तक पाने वाले महादेव मण्डल मेहनत की हरियाली बिखेर अपने गांव के साथ साथ स्वयं को भी समृद्ध बनाने का मार्ग प्रसस्त कर लिया है। आज महादेव मंडल के साथ उनका पूरा परिवार नर्सरी की खेती कर रहे है।



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