विधायकों को मिलने वाली निधि में इस बार कोरोना उन्मूलन कोष के लिए की जाने वाली कटौती को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा है. उन्होंने ट्वीट के माध्यम से अपने बयान में कहा कि नीतीश सरकार ने विधायकों की विधायक निधि छीन कर हाथ पांव काट दिए हैं. निष्क्रिय और अक्षम सरकार स्वास्थ्य विभाग का बजट तक खर्च नहीं का पा रही है.
अब उपर से सीएम विधायकों की राशि दबाकर बैठ गए. उसे भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने की साजिश है. विधायक अपनी क्षेत्र की जनता को क्या जवाब देंगे. इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है. मुख्यमंत्री चाहते हैं कि जनता के द्वारा चुने गए जन प्रतनिधि भी ऐसे ही रहें. ताकि सभी विधायकों की विधायक राशि उनके ही क्षेत्र में स्वास्थ्य उपकरणों और जीवन रक्षक दवाओं पर खर्च किया जा सके. संपूर्ण बिहार कवर हो जाएगा लेकिन वो नहीं चाहते कि स्वास्थ्य संरचना मजबूत हो. सभी विधायक और विधान पार्षदों को मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत साल में तीन-तीन करोड़ रुपए मिलते हैं. इनमें से इसबार दो करोड़ की कटौती की गई है.
यह राशि इस बार स्वास्थ्य विभाग में गठित कोरोना उन्मूलन कोष में दिए जाएंगे. ताकि कोरोना से जारी जंग को प्रभावी ढंग से लड़ा जा सके. इस तरह के सभी 243 विधायकों और करीब 75 विधान पार्षदों के फंड से दो-दो करोड़ की कटौती करने से कोरोना उन्मूलन कोष में 636 करोड़ रुपए जमा हो जाएंगे. यह कटौती फिलहाल चालू वित्तीय वर्ष के लिए लागू है. अब इस कटौती को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा है.




Leave a Reply