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MUZAFFARPUR : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए CM नीतीश ने किया जॉर्ज फर्नांडिस की प्रतिमा का अनावरण…

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : भारत के पूर्व रक्षा मंत्री और बिहार के मुजफ्फरपुर से 5 बार सांसद रहे जॉर्ज फर्नांडिस की आज 91वीं जयंती है. बिहार में पहली बार जॉर्ज की जयंती राजकीय समारोह के तौर पर मनाई जा रही है. राज्य सरकार द्वारा जॉर्ज फर्नांडिस की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के निर्णय के तहत आज मुजफ्फरपुर के सिटी पार्क में जॉर्ज फर्नांडिस की आदमकद प्रतिमा का अनावरण जिला प्रशासन की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से किया. गौरतलब हो की प्रख्यात समाजवादी राजनेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नाडिस की जयंती हर साल 3 जून को मुजफ्फरपुर में राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने की स्वीकृति दी गई है.


मौके पर जिलाधिकारी ने कहा की प्रख्यात समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से किया गया है. स्वर्गीय जॉर्ज फर्नांडिस की जयंती प्रत्येक वर्ष 3 जून को राजकीय समारोह के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है. पर अभी किसी तरह के समारोहों पर प्रति’बन्ध के मद्देनजर आदमकद प्रतिमा का अनावरण सोशल डिस्टें’सिंग का पूर्ण रूप से पा’लन करते हुए न्यूनतम व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया. उनका जन्म 1930 में मंगलुरु कर्नाटक में हुआ था पर मुजफ्फरपुर जिला स्वर्गीय फर्नांडिस की क’र्मभूमि रही है, जहां से जे’ल में रहते हुए वे लगातार 5 बार सांसद चुने गए.


सांसद अजय निषाद ने कहा की लॉक डाउन होने की वजह से समारोह भव्य रूप से नहीं मनाया जा सका, पर अगले वर्ष स्वर्गीय जॉर्ज फर्नांडिस की जयंती भव्य रूप से मनाई जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा लोक गीत संगीत का भी आयोजन किया गया था. इस मौके पर सांसद अजय निषाद, विधान पार्षद दिनेश सिंह, नगर आयुक्त मनेष कुमार मीणा, जदयू के नेता रणजीत सहनी, अम्ब्रीश कुमार सिन्हा समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे.


प्रख्यात समाजवादी मुखर नेता जॉर्ज फर्नांडिस
जॉर्ज फर्नांडिस बेहद मुखर नेता के रूप में जाने जाते थे. उनका जन्म 3 जून 1930 को हुआ था. जॉर्ज फर्नांडिस 10 भाषाओं के जानकार थे. हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन भाषा में उन्हें महारथ हासिल थी. उनकी मां किंग जॉर्ज फिफ्थ की बड़ी प्रशंसक थीं. उन्हीं के नाम पर अपने छह बच्चों में से सबसे बड़े का नाम उन्होंने जॉर्ज रखा था.


मुजफ्फरपुर को बनाया कर्मभूमि आज के दौर में जहां भारतीय राजनीति में क्षेत्रवाद बड़ी समस्या बनी हुई है, वहीं जॉर्ज एक ऐसे नेता थे जो मुंबई से आकर बिहार में लंबे समय तक राजनीति करते रहे. बिहार के लोगों ने उन्हें कभी भी पराया नहीं समझा. जॉर्ज मुजफ्फरपुर के अलावा नालंदा लोकसभा सीट से भी सांसद बने. वह वीपी सिंह की सरकार में रेलमंत्री रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रक्षा मंत्रालय का जिम्मा संभाला.

2019 में ही प्रतिमा लगाने की घोषणा
खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2019 में नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर में जॉर्ज फर्नांडिस की प्रचलित हथकड़ी वाली मूर्ति स्थापित करने की घोषणा की थी. साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि वो बिहार के मुख्यमंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की बदौलत हैं.अल्जाइमर से पीड़ित जॉर्ज साहब का निधन लंबी बीमारी के बाद 89 साल की उम्र में हो गया. बीते साल 29 जनवरी को उनके निधन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी श्रद्धांजलि देने दिल्ली पहुंचे थे.