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बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है।

सिद्धार्थ का कहना है कि ये टिप्पणियां जानबूझकर एक सरकारी अधिकारी के रूप में उनके काम में बाधा डालने के लिए की गई हैं और इसका उद्देश्य उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाना है।

मामला तब सामने आया जब एस सिद्धार्थ को उनके एक दोस्त ने यूट्यूब चैनल के एक वीडियो के कमेंट सेक्शन में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जानकारी दी। एक यूजर, जिसकी आईडी @robomen198 है, ने सिद्धार्थ की पत्नी को लेकर दो बार नकारात्मक टिप्पणियां कीं। उसने लिखा, “एसीएस सिद्धार्थ की वाइफ की भी जांच करवाई जाए, वही वसूली करती है एस सिद्धार्थ की जगह।” इस टिप्पणी के बाद सिद्धार्थ ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

एस सिद्धार्थ की चिंता और धमकी की आशंका

एस सिद्धार्थ ने पुलिस को बताया कि उन्हें संदेह है कि यही व्यक्ति अन्य यूट्यूब चैनलों के कमेंट सेक्शन में भी इसी प्रकार की टिप्पणियां कर चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे व्यक्ति किसी भी हद तक जा सकते हैं और उन्हें तथा उनके परिवार को शारीरिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। सिद्धार्थ ने पुलिस से आग्रह किया है कि वे @robomen198 आईडी के मालिक की पहचान करें और उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।

पटना साइबर थाने में एफआईआर दर्ज

पटना के साइबर थाने में दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, इस तरह की टिप्पणी एक ईमानदार सरकारी अधिकारी को धमकाने और बदनाम करने के उद्देश्य से की गई है। सिद्धार्थ ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियों का उनके आधिकारिक कर्तव्यों से कोई संबंध नहीं है और इनका मकसद उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और यह उन महिलाओं की गरिमा पर हमला है, जिनका उनके सार्वजनिक कर्तव्य से कोई लेना-देना नहीं है।

साइबर पुलिस की जांच

साइबर पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश कर रही है। एस सिद्धार्थ ने कहा कि यह मामला सिर्फ धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश हो सकती है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस बात का पता चल सकेगा कि इस मामले के पीछे कौन है और उसकी मंशा क्या थी। फिलहाल, आरोपी की पहचान करने के लिए साइबर पुलिस इंटरनेट की निगरानी और तकनीकी जांच कर रही है।

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