पटना: बिहार लोक सेवा आयोग 70वीं पीटी परीक्षा दोबारा कराने को लेकर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. आज कोर्ट की ओर से बड़ा फैसला सुनाया जा सकता है. बता दें कि इससे पहले 19 मार्च को इस मामले में सुनवाई की गयी थी.

आज आ सकता है फैसला: पटना हाईकोर्ट की ओर से एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने पप्पू कुमार व अन्य की याचिकाओं पर 19मार्च 2025 को सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया था. इस मामले में शुक्रवार को फैसला आने वाला है.

पिछली बार दो दिनों तक सुनवाई: 18 से 19 मार्च दो दिनों तक पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी. 18 मार्च को सुनवाई अधूरी रहने के कारण 19 को भी कार्यवाही चली थी. इससे पहले जस्टिस एएस चंदेल इस मामलों पर सुनवाई कर रहे थे, लेकिन अब सम्बन्धित मामलों की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ द्वारा की जा रही है.

आयोग पर सवाल: इससे पूर्व जस्टिस अरविन्द कुमार चंदेल ने इन मामलों पर सुनवाई करते हुए राज्य व बीपीएससी को 30 जनवरी 2025 तक हलफ़नामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था. वरीय अधिवक्ता वाईवी गिरी ने कोर्ट को बताया था कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुआ है, लेकिन आयोग ना तो जांच करा रहा है और ना ही पुनः परीक्षा ले रहा है.

क्या है मामला: आपको बता दें कि 13 दिसंबर 2024 को बिहार के कई 912 केंद्रों पर 4 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी. इस दौरान पटना के बापू केंद्र पर प्रश्न पत्र देर से मिलने के कारण इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गयी थी. इसको लेकर जमकर बवाल भी हुआ था. परीक्षार्थियों का आरोप था कि इस सेंटर के साथ साथ कई जगह अनियमित्ता सामने आयी है और प्रश्नपत्र भी लीक हुआ है.

री एग्जाम की मांग: इसलिए सभी केंद्रों की परीक्षा रद्द कर पुनर्परीक्षा की मांग की गयी थी. पटना में इसको लेकर जमकर प्रदर्शन भी हुआ था. राजनीतिक नेता से लेकर शिक्षाविद ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया था. इस दौरान पुलिस के द्वारा लाठी चार्च भी किया गया था. वहीं पटना के गर्दनीबाग में लगाकार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है.

इसलिए मामाल कोर्ट पहुंचा: लगातार विरोध के बाद आयोग की ओर से कोई निर्णय नहीं लेने को लेकर मामला कोर्ट में पहुंच गया. आयोग के खिलाफ याचिका दायर कर कोर्ट से पुन: परीक्षा कराने की मांग की गयी है. इसी मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी. छात्रों को उम्मीद है कि कोर्ट की ओर से बड़ा फैसला सुनाया जा सकता है.


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