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बच्चों कों धूप में खेलने न दें: जिलाधिकारी

सीतामढ़ी।
जिलाधिकारी सीतामढ़ी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में स्थानीय परिचर्चा भवन में एईएस/चमकी बुखार को लेकर बैठक की गई। बैठक में जिला मलेरिया पदाधिकारी द्वारा पीपीटी के माध्यम से अब तक की गई तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों यथा- दवा, उपकरणों, बेड की उपलब्धता को लेकर विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए एईएस/चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर गांव और टोले स्तर पर सघन जागरूकता कार्यक्रम चलाना सुनिश्चित करें। बैठक में निर्देश दिया गया कि अप्रैलऔर मई माह में सभी पंचायतों में संध्या चौपाल का आयोजन करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि संध्या चौपाल में आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, विकास मित्र जीविका दीदियों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी। बैठक में टैग किए गए वाहनों के चालकों की भी उपस्थिति सुनिश्चित करें। संध्या चौपाल में उपस्थित जन समूह को चमकी/एईएस को लेकर जागरूक करना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डोर टू डोर विजिट करते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। बैठक में उपस्थित जिला मलेरिया पदाधिकारी ने बताया कि सदर अस्पताल में 10 बेड सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2-2 वातानुकूलित एईएस बेड बनाया गया है। साथ ही आवश्यक चिकित्सीय उपकरण एवं दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। सभी वरीय पदाधिकारियों सहित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, बीएचएम, बीसीएम को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिए गए हैं जिनके द्वारा आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग और आईसीडीएस को निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय के प्रार्थना सत्र में बच्चों को एईएस/ चमकी बुखार को लेकर जागरूक किया जाए। वहीं आईसीडीएस को निर्देशित करते हुए कहा कि लेडी सुपरवाइजर एवं आंगनवाड़ी सेविका के माध्यम से वार्ड वार प्रत्येक घर को विजिट करते हुए अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। वैसे बच्चों को सदर अस्पताल स्थित एनआरसी में भेजने का निर्देश भी दिया गया।

जिलाधिकारी ने जिले वासियों से की अपील:-

बच्चों को धूप में न खेलने दें, बच्चों का रखें ख्याल
बढ़ते तापमान के मद्देनजर जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने जिला वासियों से अपील की है कि बढ़ते तापमान बढ़ने और अधिक ह्यूमिडिटी के कारण चमकी बुखार का प्रकोप देखने में आता है। उन्होंने अपील किया है कि अभिभावक अपने बच्चों को धूप में न खेलने देंऔर धूप में न नहाने दें। बच्चों को खाना जरूर खिलाएं। शाम के वक्त सुस्ती होने पर स्थानीय पीएचसी में दिखावे। रात में खाना खिला कर ही बच्चों को सुलायें। बीच-बीच में विशेषकर सुबह में उन्हें जाकर जरूर देखें।यदि किसी भी तरह का लक्षण प्रतीत होता है तो बिना समय गवाएं निकट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को ससमय अस्पताल ले जाना एक महत्वपूर्ण फैक्टर है जिससे चमकी के प्रभाव पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन, जिला जन संपर्क अधिकारी कमल सिंह, डीपीओ आईसीडीएस, जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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