महिला ओझा आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास करीब 20 मिनट तक झाड़–फूंक करती रही।
आरा में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जहां एक अधेड़ को सांप काटने के बाद परिजनों द्वारा उसे अस्पताल लाया गया और वहां महिला ओझा से झाड़-फूंक कराया गया। इस दौरान महिला ओझा आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास करीब 20 मिनट तक झाड़–फूंक करती रही।

महिला ओझा द्वारा पहले इमरजेंसी गेट के बाहर अधेड़ को अर्धनग्न अवस्था में जमीन पर बैठाया। उसके बाद एक पीतल की थाली को पीठ पर सटाकर, मिट्टी के कुछ ढेलो से मंत्र उच्चारण किया गया। झाड़-फूंक करने वाले ओझा को रोकने के बजाय अस्पताल के कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड मूकदर्शक बने रहें। बाद में उसे सदर अस्पताल में लाया गया। जहां उसका इलाज किया गया।

20 मिनट तक इमरजेंसी के गेट पर झाड़–फूंक कराते रहे परिजन
दरअसल, उदवंतनगर थाना क्षेत्र के रघुनी पुर गांव निवासी स्वर्गीय इंद्रदेव सिंह के 52 वर्षीय पुत्र बिटेश्वर सिंह को सोमवार की देर शाम सांप ने डस लिया था। सांप के डसते ही बिटेश्वर सिंह ने पहले सांप को मारा, उसके बाद इसकी सूचना परिजनों को दी। जिसके बाद परिजनों ने तत्काल अधेड़ को आनन-फानन में आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टर ने तत्काल इलाज शुरू कर दिया, प्राथमिक उपचार के बाद अधेड़ के परिजनों ने झाड़-फूंक करने वाली एक महिला को बुला लिया। जिसके बाद महिला ने इमरजेंसी के गेट पर झाड़-फूंक करना शुरू कर दिया।

मूकदर्शक बने रहे कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी
दूध देने डायरी में जा रहे थे,सांप के काटने के बाद मार डाला
इधर, बिटेश्वर सिंह ने कहा कि वह अपने घर से दूध लेकर सरकारी बंगला के पास डायरी में दूध देने के लिए जा रहे थे, तभी अंधेरा होने के कारण शॉप पर ही पैर रखा गया । पैर पड़ते ही सपने मेरे पैर की उंगली में डस लिया, किसी भी तरीके से सांप को अपने पैर से अलग किया । उसके बाद उसे हम मार दिए, इसके बाद इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल आए ।
डॉक्टर ने इलाज किया और कहा कि 4 से 5 घंटा अब अस्पताल में रहकर स्थिति को देख लीजिए। उसके बाद महिला ओझा से अपने मन की शांति के लिए झाड़–फूंक करा लिए।




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