सैदपुर हॉस्टल में बन रहा है स्विमिंग पूल और गेम कोर्ट
पटना के सैदपुर हॉस्टल के कैंपस में नेशनल लेवल टुर्नामेंट्स के नजरिए से एक स्विमिंग पूल का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण जून महीने में पूरा होना था, लेकिन अभी तक इसका काम पूरा नहीं हुआ है। खेल मंत्रालय की ओर से खेलो इंडिया के तहत पुल का निर्माण कराया जा रहा है।


सैदपुर हॉस्टल में बन रहा है नेशनल लेवल का स्विमिंग पूल
मेंबरशिप लेकर कर सकते हैं स्विमिंग
पटना के सैदपुर हॉस्टल में स्विमिंग पूल के अलावा कई और गेम्स के लिए गेम कोर्ट बनाए जाएंगे। स्विमिंग पूल के बनने की देरी को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि गेम्स कोट बनाने में अभी वक्त लगेगा। पटना यूनिवर्सिटी के सैदपुर हॉस्टल के कैंपस में इंडोर स्टेडियम और स्विमिंग पुल का निर्माण कराया जाना है। स्विमिंग पुल और स्टेडियम के निर्माण के लिए पहले चरण में 5 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन 1.5 साल से अधिक का समय बीत गया। अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण के बाद छात्र-छात्राएं भी इसका फायदा उठा सकेंगे।
इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के छात्र–छात्राएं भी इसका फायदा उठा सकें। इसके लिए उन्हें खास प्रावधान दिया जाएगा। स्पोर्ट्स कंपलेक्स में पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए विशेष प्रावधान और सुविधाएं मुफ्त रहेंगी। कैंपस के अंदर एक नया पीजी हॉस्टल भी बनाया जाएगा। स्विमिंग के शौकिया लोग मेंबरशिप लेकर स्विमिंग कर सकते हैं। वहीं महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। इसके अलावा वॉशरूम, गार्ड रूम के साथ 300 लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ फर्स्ट एड बॉक्स और उसके लिए एक कक्ष का भी निर्माण होगा।

अगले साल तक पूरा हो जाएगा काम।
पुल में बनाए जाएंगे कुल 6 लेन
स्विमिंग पूल नेशनल टूर्नामेंट की तर्ज पर बनाया जा रहा है इसलिए इस स्विमिंग पूल की चौड़ाई 25 मीटर और लंबाई 50 मीटर रहेगी। गहराई की बात करें तो यह 2 से 3 मीटर गहरी होगी। पुल में कुल 6 लेन बनाए जाएंगे। इन लेन के बीच की चौड़ाई 2.5 मीटर होगी। खेल मंत्रालय की तरफ से खेलो इंडिया के तहत पटना यूनिवर्सिटी के कैंपस के अंदर स्टूडेंट के बीच खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए स्विमिंग पुल का निर्माण हो रहा है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य अगले साल पूरा हो जाएगा। सैदपुर हॉस्टल के स्टूडेंट का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से यहां पर काम चल रहा है, लेकिन आए दिन बीच-बीच में काम रुक जाता है। इस कारण यह निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है।



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