बिहार: बंगाल की खाड़ी से उठे साइक्लोन अर्नब के असर के बीच बिहार में बारिश और आंधी ने तबाही मचा दी है। पूर्णिया में आंधी-बारिश से करीब 50 घरों के तबाह होने की खबर है, जबकि समस्तीपुर, बांका और जहानाबाद में अलग-अलग हादसों ने कई परिवारों पर गम का पहाड़ डाल दिया। उधर नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी की आशंका ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित चकबेदौलिया गांव में गुरुवार को बारिश के बीच एक पुराना बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया और पेड़ के नीचे दबे बच्चों को निकालने की कोशिश की।

बांका के बंधुआ कुरावा थाना क्षेत्र के बेलटिकरी गांव में बुधवार देर रात बारिश के बीच मिट्टी की दीवार ढह गई। मलबे में दबने से 60 वर्षीय हिमात्री देवी की मौत हो गई, जबकि उनके पोते, पोती और नाती समेत तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद देर रात तक गांव में अफरातफरी का माहौल रहा और परिवार में मातमी सन्नाटा पसर गया।

जहानाबाद के टिकारी में पईन पार करने के लिए बनाए गए अस्थायी पुल से गिरने का दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें गर्भवती महिला और उसकी गोद में मौजूद एक वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। एक ही हादसे में दो जिंदगियां खत्म होने से इलाके में शोक की लहर है।

इधर, नेपाल में भारी बारिश के मद्देनजर कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। माइकिंग के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। आशंका है कि शुक्रवार तक कोसी बराज से 5 से 6 लाख क्यूसेक तक पानी डिस्चार्ज हो सकता है।

जलस्तर बढ़ने के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाविकों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। तटबंध के अंदर बसे नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड के लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।

बारिश के कहर और कोसी के संभावित उफान ने पूरे इलाके में दहशत और सतर्कता बढ़ा दी है।



Leave a Reply