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बिहार के ‘फर्जी साहब’ का खेल खत्म! बिहार सरकार का बोर्ड लगाकर शराब माफियाओं से कर रहा था वसूली, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

बिहार में अधिकारियों के फर्जीवाड़े के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। इस बार फिर ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां फर्जी अधिकारी बन एक आरोपी शराब माफियाओं से वसूली कर रहा था। मामला वैशाली जिले का है। जानकारी अनुसार शातिर युवक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर अवैध वसूली का बड़ा खेल खड़ा कर रखा था। आरोपी अपनी अर्टिगा कार पर “बिहार सरकार मद्य निषेध विभाग” का बोर्ड लगाकर इलाके में घूमता था और शराब तस्करों से उगाही करता था।

कार चोरी की दर्ज की रिपोर्ट 

पुलिस ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले अपनी कार की चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी और इसके आधार पर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये का क्लेम हासिल कर लिया। इसके बाद उसी कार को फर्जी सरकारी वाहन बनाकर इस्तेमाल करने लगा।

बिहार सरकार का बोर्ड लगाकर कर रहा था खेला 

आरोपी कार पर “बिहार सरकार” और मद्य निषेध विभाग का बोर्ड लगाकर लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि वह सरकारी अधिकारी है। इसी का फायदा उठाकर वह शराब माफियाओं को कार्रवाई की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी थी। यह नंबर प्लेट मुजफ्फरपुर के एक व्यक्ति की एक्सएल6 कार की थी। यानी आरोपी ने पूरी योजना के तहत वाहन और पहचान दोनों को फर्जी बनाकर अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार कर लिया था।

कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद 

मामले का खुलासा विक्रम सिहाग के निर्देश पर की गई कार्रवाई में हुआ। सुबोध कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर प्रभात कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों से इस तरीके से अवैध वसूली की गई है। बिहार में शराबबंदी के बीच अपराधियों का यह नया तरीका प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

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