MUZAFFARPUR

बिहार में अवैध मांस-मछली दुकानों पर चलेगा ‘हंटर’:, धारा 345 के तहत होगी जेल, मंदिर और स्कूल के पास मांस की बिक्री बंद

पटना : बिहार सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्रीविजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी नगर निकायों को बिना लाइसेंस संचालित हो रही मांस-मछली की दुकानों को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहारियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के पास विशेष सख्ती

विभागीय निर्देशों के अनुसार, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास खुलेआम मांस-मछली की बिक्री पर विशेष पाबंदी लगाई जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों के पास मांस की बिक्री से बच्चों के कोमल मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, वहीं धार्मिक स्थलों के पास ऐसी दुकानें लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों के निकट नियमों के विरुद्ध चल रही दुकानों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर बंद कराया जाएगा।

स्वच्छता मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई

जांच में यह पाया गया है कि कई दुकानें अस्वास्थ्यकर वातावरण और खुले में मांस का विक्रय कर रही हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। विभाग ने निर्देश दिया है कि केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानें ही चलेंगी और उन्हें भी निर्धारित स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। साथ ही, संबंधित विभागों को पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है ताकि नागरिकों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।

दैनिक रिपोर्ट और व्यापक निरीक्षण अभियान

नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाएं। अवैध दुकानों की पहचान कर उन्हें बंद कराने के साथ-साथ की गई कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट (Daily Report) विभाग को उपलब्ध करानी होगी। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि अनुपालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार ने आम नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और बिना वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के किसी भी प्रकार का व्यापार संचालित न करें। इस कदम का उद्देश्य बिहार के शहरों को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करना है।

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