बिहार : ऊर्जा की सियासत में बिहार एक बड़े मोड़ की तरफ बढ़ रहा है। देश के प्रमुख उद्योगपति और Adani Group के अध्यक्ष गौतम अडानी 22 फरवरी को पीरपैंती स्थित प्रस्तावित 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना का जायजा लेने पहुंचेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक वे दोपहर 12 से 1 बजे के बीच हेलीकॉप्टर से परियोजना परिसर के हेलीपैड पर उतरेंगे और निर्माण प्रगति की तफ़सीली समीक्षा करेंगे। इस दौरे को ऊर्जा-रणनीति का अहम इम्तिहान माना जा रहा है।

परियोजना प्रमुख राजीव गोयल ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग की दरख्वास्त की है। पर्याप्त पुलिस बल, क्रिटिकल केयर एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और हेलीकॉप्टर लैंडिंग के तकनीकी इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। संदेश साफ है हाई-प्रोफाइल विजिट में कोई कोताही नहीं।

जिला प्रशासन ने एसएसपी को हेलीपैड और साइट पर सशस्त्र पुलिस व लाठी बल की तैनाती के निर्देश दिए हैं। विधि-व्यवस्था के अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, कहलगांव एसडीओ और एसडीपीओ को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिविल सर्जन को मेडिकल टीम व आवश्यक दवाओं के साथ अलर्ट रहने का आदेश है। सूत्र बताते हैं कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होगा, ताकि कार्यक्रम बेदाग और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर व आसपास की करीब 479 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाला यह अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्लांट 2400 मेगावाट उत्पादन क्षमता से लैस होगा। उत्तर में गंगा, दक्षिण में नेशनल हाईवे और निकट पीरपैंती रेलवे स्टेशन लॉजिस्टिक दृष्टि से लोकेशन को मुफीद माना जा रहा है। पांच वर्षों में परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य है; फिलहाल चहारदीवारी और भूमि समतलीकरण जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मेगा प्रोजेक्ट बिहार की बिजली जरूरतों को मजबूती देगा, क्षेत्रीय रोजगार, औद्योगिक तरक्की और बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देगा। उद्योग जगत की बड़ी हस्ती का यह दौरा केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि राज्य की ऊर्जा-सियासत में भरोसे और निवेश का पैगाम भी है।



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