MUZAFFARPUR

बिहार में रेड सैंड बोआ सांप की त’स्करी, कीमत इतनी की एक स्नेक से लग्जरी SUV खरीद लेंगे

गयाजी: बिहार गया में सांप की तस्करी का खुलासा हुआ है. गयाजी आरपीएफ की टीम ने दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप की बरामदगी की है. सांप की बरामदगी के बाद उसे वन विभाग को सौंप दिया गया है. इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर आरपीएफ की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है.

रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई

गया आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि टीम गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक बी पर गश्त कर रही थी. इसी क्रम में दो व्यक्ति को आसमानी रंग का बैग लेकर संदिग्ध हालत में जाते देखा गया. जैसे ही उसकी नजर पुलिस पर पड़ी तो भागने लगा. शंका होने पर दोनों को पकड़कर पूछताछ की गयी. बैग की जांच की गई, जिसमें सांप मिला.

दो तस्कर गिरफ्तार

आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि गया रेलवे स्टेशन से दो तस्करों को पकड़ा गया है. दोनों रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी कर रहे थे. बरामद रेड सैंड बोआ सांप की लंबाई 4 फीट के करीब की है. गिरफ्तार तस्करों में उपेंद्र कुमार जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना अंतर्गत शिवपुर निवासी और मोहम्मद सादुल्लाह गया जी के चाकन्द थाना अंतर्गत अमराहा गांव निवासी शामिल हैं.

दुर्लभ प्रजाति का सांप

यह एक दुर्लभ प्रजाति का सांप है, जो ईरान, पाकिस्तान और भारत में पाया जाता है. इसके कई उपजाति हैं, जिसमें इंडियन सैंड बोआ, जॉन्स सैंड बोआ, रेड सैंड बोआ, ब्राउन सैंड बोआ शामिल हैं.

विषहीन सांप

रेड सैंड बोआ का सिर और पूंछ दोनों गोल होता है, इसे दोमुंहा सांप भी कहा जाता है. यह ज्यादातर भूरे और लाल रंग का होता है. मुख्य रूप से बालू वाले जगह में पाया जाता है. यह एक विषहीन सांप होता है, जिससे इसकी डिमांड अधिक है.

करोड़ों में कीमत

अमीर लोग इसे घरों की शोभा बढ़ाने के लिए पालते हैं. इसके साथ ही इसे सौभाग्य बढ़ाने वाला सांप माना जाता है, जिससे इसकी डिमांड अधिक है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अंरराष्ट्रीय काले बाजार में ऐसे सांपों की 3 से 25 करोड़ के आसपास होती है.

तस्करी कानून अपराध

आरपीएफ निरीक्षक बनारसी यादव ने बताया कि यह सांप वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत अनुसूची एक में सूचीबद्ध. इसकी तस्करी करना कानून अपराध है. इसकी तस्करी करते पकड़े जाने पर दोषी को 3 साल की सजा और 25000 रुपये जुर्माना का प्रावधान है.

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.