MUZAFFARPUR

पहला चरण मतदान से पहले महागठबंधन का बड़ा ऐलान

बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान नजदीक है और आज शाम से प्रचार अभियान थम जाएगा। इस बीच महागठबंधन ने सोमवार को अपने चुनाव अभियान का अंतिम दांव खेलते हुए कई बड़े वादों की घोषणा की है। महागठबंधन की ओर से किए गए इन वादों को प्रदेश की जनता, खासकर महिलाओं, किसानों और सरकारी कर्मचारियों के हित में बताया जा रहा है।

महिलाओं के लिए ‘मां बहन मान योजना’ का वादा

महागठबंधन ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘मां बहन मान योजना’ का एलान किया है। इस योजना के तहत सरकार बनने के 20 दिन के भीतर, यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, राज्य की हर माता-बहन के खाते में ₹30,000 की वार्षिक राशि भेजी जाएगी।

महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगी। चुनाव प्रचार के दौरान महागठबंधन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया गया, जहां महिलाओं ने इस घोषणा का जोरदार समर्थन किया और इसे अपने जीवन में परिवर्तनकारी बताया।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का वादा

सरकारी कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रही मांग को ध्यान में रखते हुए, महागठबंधन ने सरकार बनते ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का आश्वासन दिया है। इस घोषणा का लाभ पुलिसकर्मियों सहित सभी विभागों के सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। महागठबंधन की ओर से साफ किया गया कि नई पेंशन योजना (NPS) के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली सुरक्षा में कई कमियां हैं, इसलिए OPS की बहाली जरूरी है।

ट्रांसफर-पोस्टिंग का दायरा 70 किलोमीटर तक

सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर शिक्षकों और पुलिसकर्मियों के हित में, महागठबंधन ने यह भी घोषणा की कि उनकी नियुक्ति और स्थानांतरण जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर के दायरे में ही किया जाएगा। यह निर्णय परिवार और कार्यस्थल के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों को मानसिक तनाव से राहत देने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

किसानों के लिए बड़े एलान: बोनस, मुफ्त बिजली और अतिरिक्त प्रोत्साहन

महागठबंधन ने किसानों पर विशेष ध्यान देते हुए धान और गेहूं की फसलों पर अतिरिक्त आर्थिक मदद देने का वादा किया है। धान फसल पर मौजूदा प्रोत्साहन राशि से अलग ₹300 प्रति क्विंटल अतिरिक्त दिए जाएंगे। साथ ही गेहूं किसानों को भी ₹400 प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। किसानों की सिंचाई समस्या के समाधान के लिए मुफ्त बिजली की घोषणा की गई है। मौजूदा सरकार जहां सिंचाई के लिए प्रति यूनिट 55 पैसे ले रही है, वहीं महागठबंधन ने इसे पूरी तरह समाप्त कर जीरो यूनिट रेट पर बिजली देने की घोषणा की है।

पैक्स और व्यापार मंडल अध्यक्षों को मिलेगा जनप्रतिनिधि का दर्जा

ग्रामीण क्षेत्र की सहकारी समितियों के अध्यक्ष (PACS) और व्यापार मंडल अध्यक्षों को अब जनप्रतिनिधि का दर्जा देने की बात कही गई है। महागठबंधन का कहना है कि पैक्स प्रणाली के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में ये पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें मानदेय देने और अधिकारिक पदनाम देने पर विचार किया जाएगा।

 

 

 

 

 

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