बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच एक बार फिर लालू परिवार की राजनीति सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। तेज प्रताप ने साफ कहा कि हम मरना कबूल करेंगे, लेकिन वापस उस पार्टी में नहीं जाएंगे। उनके इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि RJD में वापसी की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है।

तेज प्रताप बनाम आरजेडी बढ़ती दूरियां साफ
तेजस्वी यादव को महागठबंधन (INDIA एलायंस) की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने के बाद तेज प्रताप ने अपने रुख को और कड़ा कर लिया है।अब वे अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं क्या करूं… मुझे महुआ में कोई चुनौती नहीं है।मैं किसी को दुश्मन नहीं मानता, मेरा एजेंडा सिर्फ़ बिहार के लिए काम करना है। यह बयान न केवल राजनीतिक संकेत देता है, बल्कि RJD के भीतर भाई-भाई के बीच बढ़ती दूरी को भी दिखाता है।

प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
तेज प्रताप यादव ने एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार की जनता का क्या मूड है, यह 14 तारीख को तय होगा। वही बताएगा कौन कहां जाएगा।उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिहार आज भी बलात्कार, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है और यही मुद्दे उनके चुनाव प्रचार का हिस्सा रहेंगे।

हम खुद में एक ब्रांड हैं— तेज प्रताप का आत्मविश्वास
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या अखिलेश यादव बिहार चुनाव में उनका समर्थन करेंगे तो तेज प्रताप ने मुस्कराते हुए जवाब दिया कि हम खुद में एक ब्रांड हैं।

तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि जब तक हम वहां थे, हमने उन्हें आशीर्वाद दिया।अब छोटे भाई हैं, तो आशीर्वाद ही देंगे… सुदर्शन चक्र तो चला नहीं सकते।उनका यह व्यंग्यपूर्ण बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।


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