मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर स्थित श्यामा काली मंदिर में दीपावली के पावन अवसर पर इस वर्ष 65वीं बार काली पूजा का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 1961 से चली आ रही यह परंपरा अब एक भव्य उत्सव का रूप ले चुकी है। पूजा का संचालन बंगाली समाज की ओर से किया जा रहा है।


मंदिर परिसर को आकर्षक लाइटिंग, फूलों और सजावटी पंडालों से सजाया गया है। मंदिर के पुरोहित भरत चक्रवर्ती ने बताया कि इस बार भी तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठान चल रहे हैं।


आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच महाभंडारा संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों को खिचड़ी, सब्जी और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे में हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लिया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।


अब कल यानी 23 अक्टूबर की रात भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बंगाल से आए ढाक कलाकारों की ओर से पारंपरिक धुनुची नृत्य आरती की जाएगी, जिसके साथ मां काली की सामूहिक आरती भी संपन्न होगी। रातभर भक्ति संगीत और देवी गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।

मंदिर का संचालन गन्नीपुर काली मंदिर कमेटी एवं बंगाली समाज के सहयोग से किया जाता है। मंदिर प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है, जबकि पूजा के दिनों में देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।


दीपावली पर मां काली की इस ऐतिहासिक पूजा में आस्था और परंपरा का संगम देखने को मिल रहा है — ढाक की ताल, धुनुची की लय और भक्ति के स्वर से गूंज रहा है पूरा गन्नीपुर।



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