पटना : बिहार चुनाव 2025 में टिकट नहीं मिलने से कई नेता नाराज हैं. बोधगया की रहने वाली उषा देवी भी इसी लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन ये बागी ना बनकर छपरा से राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव के लिए प्रचार करेंगी. राबड़ी आवास पर अपने नेता से मिलने आयी उषा देवी फफक कर खूब रोईं.

17 साल की उम्र से पार्टी से जुड़ी हैं
बोधगया की रहने वाली उषा देवी ने बताया कि वह 2005 से 17 साल की उम्र से पार्टी के लिए काम कर रही है. लालू यादव को पिता, राबड़ी देवी को मां और तेजस्वी यादव को अपना बड़ा भईया मानती है. इन्होंने बताया कि लालू यादव 2015 से टिकट देने की बात कर रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला.

पैरासूट वाला को टिकट
हालांकि इन्होंने कोई लेन-देन की बात नहीं कही. इतना जरूर कहा कि मेरे पास पैरासूट नहीं था, नहीं तो मुझे भी टिकट मिल जाता. उषा देवी ने बताया कि पूंजीपतियों को टिकट दिया गया है. वे गरीब परिवार से आती है, इसलिए उन्हें टिकट नहीं दिया गया. कहा कि अगर मेरे पास भी पैरासूट होता तो आते और टिकट लेकर चली जाती.

तेजस्वी यादव बोले थे मिलेगा टिकट
उषा देवी ने बताया कि जिस समय खेसारी लाल यादव तेजस्वी यादव से मिलने आए थे, उस दिन भी तेजस्वी यादव 10 बार बोले थे कि आपको टिकट दिया जाएगा, लेकिन टिकट किसी और को दे दिया गया. मेरा कोई पैरवी करने वाला नहीं थी. मेरा नेता लालू यादव ही हैं.

बागी नहीं होंगी उषा देवी
आपको बता दें कि इसबार जिसे टिकट नहीं मिला है, वे बागी हो गए हैं. दूसरी पार्टी से या फिर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि उषा देवी ने ऐसा कुछ नहीं कहा. सिर्फ इतना कहा कि टिकट नहीं मिला तो क्या हो गया, पार्टी के लिए काम करूंगी. खेसारी भईया के लिए प्रचार करूंगी. तेजस्वी भईया के लिए अपना खून दे देंगे.

अपने घर चली गयीं उषा देवी
रोती-बिलखती उषा देवी ने कहा कि वह अपने पिता लालू यादव, माता राबड़ी देवी, भईया तेजस्वी यादव और बड़ी बहन मीसा भारती से आशीर्वाद लेने आयी है. अब वह अपने ससुराल जा रही है. लालू यादव का परिवार उसका मायका था.


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