बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सभी पार्टियां एक्शन मोड में आ गई है। चुनावी वादे और घोषणाओं का दौर शुरु हो गया है। इसी कड़ी में बीते दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने युवाओं को लेकर बड़ी घोषणा की। तेजस्वी यादव ने ऐलान किया कि उनकी सरकार आएगी तो वो 20 दिनों में नया अधिनियम बनाएंगे और 20 महीने में हर घर में एक सरकारी नौकरी देंगे।

तेजस्वी यादव के इस वादे को सत्ता पक्ष के लोग चुनावी जुमला बता रहे हैं तो वहीं तेजस्वी का दावा है कि वो इस वादे को पूरा करेंगे। वहीं तेजस्वी यादव ने इस बयान पर उनके बड़े भाई, राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े लाल और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने तंज कसा है।

तेजस्वी पर तेज प्रताप का तंज
तेजस्वी के वादे को लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा कि, चुनाव की अभी शुरुआत है। देखिए, आगे क्या होता है। अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी। बता दें कि तेज प्रताप यादव लगातार तेजस्वी यादव पर तंज कस रहे हैं।

इसके पहले भी तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां का विधायक नाच गाना कर रहा है। दरअसल, तब राघोपुर बाढ़ ग्रस्ति था और तेज प्रताप यादव वहां राहत समाग्री बांटने पहुंचे थे।

रोजगार बनेगा मुख्य चुनावी एजेंडा
तेजस्वी यादव लगातार बेरोजगारी को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बना रहे हैं। उनका कहना है कि हर घर में सरकारी नौकरी सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने दावा किया कि रोजगार से न सिर्फ युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि परिवारों की आय और जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

क्या मजबूत होगी सीएम दावेदारी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव बेरोजगारी के मुद्दे पर अपनी “रोजगार देने वाले नेता” की छवि को फिर से मजबूत करने की कोशिश में हैं। अब देखना यह होगा कि “हर घर में सरकारी नौकरी” का यह वादा जनता को कितना आकर्षित करता है और क्या यह तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में एक कदम और आगे ले जा पाएगा।



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