पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कैमूर जिले की दो विधानसभा सीट भभुआ से भरत बिंद और मोहनिया से संगीता कुमारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही चेनारी से चुनाव जीत कर आने वाले कांग्रेस के मुरारी गौतम ने भी इस्तीफा दिया है. तीनों ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को सौंपा. विधानसभा अध्यक्ष ने तीनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. विधानसभा सचिवालय की ओर से इससे संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.

कांग्रेस और RJD के तीन विधायकों ने दिया इस्तीफा
पहले पाला बदलकर जब नीतीश कुमार एनडीए के साथ पिछले साल 2024 में फिर से सरकार बनाई थी तब विश्वास मत के दौरान महागठबंधन के कई विधायकों ने समर्थन किया था. उसमें राजद और कांग्रेस के विधायक शामिल थे. आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने नीतीश कुमार का समर्थन किया था.
बीजेपी के टिकट पर लड़ेंगे चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भरत बिंद और संगीता कुमारी आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे. लेकिन 2024 में दोनों नेताओं ने पार्टी से नाराज होकर भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया था. वे भाजपा के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.

RJD ने सदस्यता रद्द करने की मांग की थी
राजद ने पार्टी बदलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को पत्र लिखकर दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. लेकिन उस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. बागी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अलग से बैठने की व्यवस्था कर दी थी और इसको लेकर भी खूब विवाद हुआ था.

आरजेडी विधायकों की सूची से हटा नाम
अब दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है जिसे स्वीकार करने के बाद विधानसभा सचिवालय ने आरजेडी विधायकों की सूची से दोनों विधायकों का नाम हटा दिया है. वहीं चेनारी से कांग्रेस के विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया. विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने स्वीकार कर लिया है.
कांग्रेस विधायकों की सूची से हटा नाम
कांग्रेस विधायकाें की सूची से गौतम का नाम भी हटा दिया गया है. मुरारी गौतम भाजपा टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. गौतम 2020 में रोहतास जिले के चेनारी सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक बने थे. 2022 में बनी महागठबंधन की राज्य सरकार में वह मंत्री भी थे.

दो बागी JDU से लड़ेंगे चुनाव
इनके अलावा राजद के विधायक चेतन आनंद ने भी सरकार का समर्थन किया था और अनंत सिंह की पत्नी भी जो राजद की विधायक थी, उन्होंने भी नीतीश सरकार का समर्थन किया था. अब अनंत सिंह जदयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ेंगे तो वहीं जदयू के टिकट पर ही चेतन आनंद शिवहर से चुनाव लड़ेंगे. जदयू के भी कई नेताओं का पाला बदलना शुरू हो गया है. परबत्ता के विधायक डॉ संजीव पहले ही राजद में शामिल हो चुके हैं. परबत्ता से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. जदयू के पूर्व विधायक लक्ष्मेश्वर राय ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. आरजेडी में शामिल हो गए हैं. अलौली से राजद के टिकट पर इस बार चुनाव लड़ेंगे.
कौन हैं संगीता कुमारी?
भाजपा प्रवक्ता संगीता कुमारी मूल रूप से कैमूर की रहने वाली हैं. 2020 में राजद की टिकट पर वह पहली बार मोहनिया विधानसभा सीट से विधायक बनीं हैं. आरजेडी महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. उनको प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह का करीबी माना जाता था. बक्सर सांसद सुधाकर सिंह को उन्हें राजनीति में लाने का श्रेय दिया जाता है.

कौन है भरत बिंद?
आरजेडी विधायक भरत बिंद भभुआ जिले के चांद थाना के सिलौ गांव निवासी हैं. 2010 में बिंद ने राजनीति में कदम रखा था. उन्होंने जिला परिषद का चुनाव लड़ा. साल 2015 में मायावती की बीएसपी से भभुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन बिंद की हार हुई. 2020 बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भरत बिंद बीएसपी छोड़कर आरजेडी में शामिल हुए थे. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिंद को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी.
कौन हैं मुरारी गौतम?
मुरारी गौतम का जन्म 1 मार्च 1980 को एक साधारण परिवार में हुआ था. वे अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं. उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति से जुड़ी है. उनके पिता महेंद्र राम कांग्रेस के कार्यकर्ता थे और रोहतास के चिटैनी पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं. मुरारी ने अपने पिता की राह पर चलते हुए कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली.
2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में इनके पिता महेंद्र राम आरजेडी में शामिल हो गए. राजद ने महेंद्र राम को चेनारी सीट से उम्मीदवार बनाया, फिर भी मुरारी गौतम ने कांग्रेस नहीं छोड़ी. उस चुनाव में उनके पिता की हार हुई थी.


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