पटना: बिहार सरकार ने छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. शिक्षा विभाग ने बताया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) योजना के क्रियान्वयन में सुधार करते हुए कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं. इस योजना के तहत 4 लाख तक का लोन ऋण मुक्त हो गया है.

लोन के लिए नए प्रावधान
इन सुधारों का मकसद योजना को और प्रभावी व लाभकारी बनाना है, ताकि राज्य के ज्यादा से ज्यादा छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें. नए प्रावधानों के तहत अब छात्र बिना किसी ब्याज के अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे.
ऋण अदायगी की शर्तें
सरकार ने ऋण अदायगी की शर्तों को भी और लचीला बनाया है. पहले जहां 2 लाख रुपये तक के ऋण को अधिकतम 60 मासिक किस्तों (5 वर्ष) में लौटाने की सीमा थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 84 मासिक किस्त (7 वर्ष) कर दिया गया है. इसी तरह, 2 लाख रुपये से अधिक की ऋण राशि को पहले 84 किस्तों (7 वर्ष) में चुकाने का प्रावधान था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर अधिकतम 120 किस्तें (10 वर्ष) कर दिया गया है.

छात्र की मृत्यु पर ऋण होगा खत्म
इसके अलावा, पाठ्यक्रम की अवधि अथवा मोरेटोरियम अवधि के दौरान किसी भी छात्र पर मासिक किस्त का दबाव नहीं रहेगा. इतना ही नहीं, भुगतान की अवधि के दौरान यदि छात्र की मृत्यु हो जाती है तो ऋण माफी का भी प्रावधान किया गया है. शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि संशोधित दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है.

क्या है बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना?
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा वर्ष 2016 में शुरू की गई थी. इस योजना का उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है, जो आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते. योजना के तहत छात्रों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है, जिससे वे इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, नर्सिंग और अन्य व्यावसायिक कोर्स की पढ़ाई कर सकें.

सरकार बनती है गारंटर
ऋण की गारंटी स्वयं बिहार सरकार लेती है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र भी निश्चिंत होकर पढ़ाई जारी रख सकते हैं. अब नए सुधारों के बाद यह योजना और ज्यादा छात्र हितैषी बन गई है. शिक्षाविद बीएन प्रसाद ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि इससे शिक्षा का स्तर बेहतर होगा.


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