भारत निर्वाचन आयोग के तहत 24 जून 2025 को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य यह तय करना था कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस प्रक्रिया में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उन्हें पुनरीक्षण की प्रक्रिया और सहयोग देने का अनुरोध किया। वहीं, जिला एवं विधानसभा स्तर पर भी सभी अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर सहयोग सुनिश्चित किया। साथ ही मुख्य सचिव सहित सभी विभागों को इस पुनरीक्षण की जानकारी दी गई।

बता दें कि गणना प्रपत्रों का वितरण और कर्मियों का प्रशिक्षण 24 जून 2025 तक पूरा किया गया। राज्य में 7,89,69,844 निर्वाचकों के लिए प्रपत्र मुद्रित कर बीएलओ के माध्यम से वितरित किए गए।

इस प्रक्रिया में 38 जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 243 निर्वाचक निबंधक, 2,976 सहायक निबंधक, 77,895 बी.एल.ओ. और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भाग लिया। कुल 7,24,05,756 गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जिसमें 16 लाख से अधिक आवेदन ऑनलाइन किए गए।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता जागरूकता के लिए अखिल भारतीय स्तर पर 246 समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया गया, टीवी चैनल, रेडियो, दूरदर्शन, प्रेस सूचना ब्यूरो, ई-रिक्शा, जागरूकता रथ, आउटडोर होर्डिंग, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से व्यापक प्रचार किया गया। प्रारूप निर्वाचक सूची 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को हार्ड और सॉफ्ट दोनों प्रतियाँ उपलब्ध कराई गई और गणना प्रपत्र न देने वाले मतदाताओं की सूची भी साझा की गई। 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक दावा-आपत्ति की अवधि में सभी प्रखंड और शहरी निकाय कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए गए।



Leave a Reply