पटना: बिहार विधानसभा सभा चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा बम फोड़ा है. पीके ने सम्राट चौधरी को शिल्पी गौतम की हत्या का आरोपी बताया है. उन्होंने कहा कि शिल्पी गौतम की हत्या के बारे में सभी लोग सुने होंगे. सम्राट चौधरी उस मामले में संदिग्ध तौर पर नामजद थे.
चुनाव से पहले पीके ने फोड़ा बम
प्रशांत किशोर ने कहा कि आप सभी ने शिल्पी गौतम दुष्कर्म और हत्याकांड की कहानी सुनी होगी. लालू जी के जंगलराज के चरम सीमा के दौरान का यह मामला सभी के जहन में है. इस हत्याकांड का आरोप साधू यादव पर लगा था. इस घटना को लेकर खूब हंगामा हुआ. सीबीआई को मामला गया था. पीके ने आरोप लगाते हुए कहा कि अभी के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार को इस मामले में संदिग्ध आरोपी बनाया गया था. वह मीडिया के सामने आए और पूरे मामले पर सफाई दें.
सम्राट चौधरी पर शिल्पी गौतम की हत्या का आरोप
पीके ने आगे कहा कि उस केस में लालू यादव का प्रभाव था. साधू यादव को बचाने के लिए केस बंद कर दिया गया. लेकिन वह केस खत्म नहीं हुआ. पटना के एक-एक आदमी को वह घटना याद है. राकेश कुमार और आज के सम्राट चौधरी बताएं कि उस केस में उनकी क्या भूमिका थी? उसमें वह नामजद थे कि नहीं और थे तो डिस्क्लोज क्यों नहीं किया.

सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी की मांग
पीके ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जो 6 लोगों की हत्या के अभियुक्त हैं और कोर्ट ने इनको राहत नहीं दी. सिर्फ नाबालिग होने के गलत सर्टिफिकेट की वजह से कोर्ट ने इनको छोड़ा है. उन्होंने खुद मान लिया है कि 1995 में उनकी उम्र 26 साल थी. वहीं पीके ने सम्राट चौधरी को तुरंत पद से बर्खास्त करके गिरफ्तार किए जाने की मांग की है.
शिल्पी गौतम मर्डर केस
साल 1999 का यह केस बिहार की राजनीति का सबसे सनसनीखेज और हाई-प्रोफाइल मामला है. 3 जुलाई 1999 को पटना के एक सरकारी क्वार्टर के गैराज में एक कार से दो शव बरामद हुई थी. दोनों लाशें अर्धनग्न हालत में थीं. इनमें से एक शव 23 साल की शिल्पी की थी. पटना वीमेंस कॉलेज की छात्रा थी और मिस पटना का खिताब जीत चुकी थीं. वहीं दूसरी लाश गौतम नामक युवक की थी, जिनके पिता डॉक्टर थे. गौतम आरजेडी की युवा शाखा से जुड़े थे और कई सत्ताधारी नेताओं से दोस्ती थी. दोनों की मुलाकात जल्दी ही प्यार में बदल गई लेकिन इसका अंजाम खौफनाक हुआ.

3 जुलाई 1999 को शिल्पी जब कंप्यूटर कोचिंग के लिए जा रही थी तो रास्त में गौतम का एक दोस्त उसे कार में बैठने को कहा. शिल्पी कार में बैठ गई लेकिन वह उसे कोचिंग नहीं बल्कि कहीं और ले जा रहा था. शिल्पी ने जब ड्राइवर से पूछा तो उसने कहा कि ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ ले जा रहे हैं, जहां गौतम उसका इंतजार कर रहा है. शिल्पी को शक हुआ लेकिन वह कुछ कर ना सकी.
गौतम को जब पता चला कि शिल्पी को वाल्मी गेस्ट हाउस ले जाया गया है, वह तुरंत पहुंचा. वहां पहुंचकर देखा कि कुछ लोग शिल्पी पर हमला कर रहे थे और वह चीख रही थी. गौतम को देखते ही वह उससे लिपटकर रोने लगी. हमलावरों ने गौतम को पकड़कर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया.

गैराज से मिली थी लाशें
पुलिस जांच से पहले ही सूचना मिली कि गांधी मैदान के फ्रेजर रोड स्थित एक गैराज में दो लाशें पड़ी हैं. यह गैराज बाहुबली साधू यादव का था, जो तत्कालीन सीएम राबड़ी देवी के भाई थे.शिल्पी और गौतम की लाश अर्धनग्न अवस्था में थी. पुलिस के पहुंचने से पहले ही साधू यादव के समर्थकों का हुजूम गैरेज में जमा हो गया और हंगामा करने लगा. इतना ही नहीं सबूतों को छेड़ने की आशंका भी बढ़ गई. पुलिस की लापरवाही भी सामने आई थी.
अशोक चौधरी पर कार्रवाई की मांग
प्रशांत किशोर ने कहा कि अशोक चौधरी के संपत्ति पर जो बात कही गई है हम उस पर कायम हैं. इन्होंने 200 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है. इन्होंने कैमरे पर कहा 1 कट्ठा भी जमीन हो जाएगा तो मैं जन सुराज की गुलामी करूंगा. अभी कागज जारी हुआ है उसमें आप कहिए कि ये आपकी जमीन नहीं है. अगर जमीन है तो जन सुराज की गुलामी मत करिए बिहार के लोगों की गुलामी के लिए तैयार हो जाएं, इस्तीफा दीजिए. हम लोग राज्यपाल के पास और कोर्ट में जाएंगे. इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
वैभव विकास न्यास की संपत्ति पर सवाल
वहीं पीके ने आचार्य किशोर कुणाल के परिवार के ट्रस्ट वैभव विकास न्यास पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी से पहले पाक साफ बताने वाले वैभव विकास पर सीधे सवाल है कि जनता देख रही है, ईमानदार अगर आप हैं तो सामने आईये और जवाब दीजिए कि 100 करोड़ रुपए की संपत्ति आपने पिछले एक डेढ़ साल में पटना में कैसे खरीदी है.

शांभवी की सगाई और शादी के दौरान अर्जित संपत्ति
पीके ने कहा कि किशोर कुणाल अच्छे व्यक्ति थे. जबसे उनका ट्रस्ट बना है, तबसे 10 करोड़ की जमीन भी नहीं खरीदी जा सकी, लेकिन एक साल में करीब 100 करोड़ की संपत्ति अर्जित कर ली गई है. इतना पैसा अचानक कहां से आ गया? प्रशांत किशोर ने कहा कि अनीता कुणाल के बेटे सायण कुणाल की मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी (समस्तीपुर सांसद) के साथ सगाई और शादी के हुई है. सगाई और शादी के बीच ये संपत्तियां अर्जित की गईं. यह कैसे संभव हुआ.
अशोक चौधरी को सात दिन का अल्टीमेटम
साथ ही पीके ने अशोक चौधरी को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी ने शायद यह कहा है कि वह कानूनी दांव छोड़कर राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे. इससे बात नहीं बनेगी. अशोक चौधरी या तो कल मानहानि का नोटिस आधिकारिक तौर पर वापस लीजिए नहीं तो 7 दिन के अंदर आप पर 500 करोड़ की जो और बेनामी संपत्ति का कागज मेरे पास है, उसको भी बिहार के जनता के सामने जारी करेंगे.




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