मुजफ्फरपुर : जीएसटी सुधार के बाद पीएम नरेंद्र मोदी स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की अपील कर रहे हैं। इसका असर दुर्गा पूजा पर भी देखा जा रहा है। पूरे बिहार में पूजा पंडालों के पास आधे दाम पर स्वदेशी उत्पाद बिकेंगे। उद्योग विभाग के सचिव ने सभी जिलों के डीएम को इसे लेकर निर्देश दिया है। 38 जिलों में कुल 114 पंडालों के पास यह बिक्री केंद्र बनेगा। खादी, हस्तनिर्मित उत्पाद, एक जिला एक उत्पाद की सामग्री यहां पर बिकेगी।


आकर्षक पंडालों के लगेंगे टेंट
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि स्वदेशी स्टॉल के टेंट उन पूजा पंडालों के पास लगाए जाएंगे जो सबसे आकर्षक होंगे। इसका चयन डीएम अपने स्तर से कराएंगे। मुजफ्फरपुर में ऐसी हस्तनिर्मित चीजों को रखा जाएगा जो यहां की पहचान हैं। इसमें लहठी, काथा, सुजनी से लेकर अन्य सामग्री शामिल है। इसके साथ ही सीकीं से निर्मित सामग्री भी रखी जाएगी। ये सभी सामान लोगों तक पहुंचे और उनको आधे दाम पर मिले, इसकी कोशिश होगी।

विरासत और परम्परा को दर्शाने वाले स्टॉल होंगे पुरस्कृत
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि जो स्वदेशी स्टॉल अपने देश और बिहार की विरासत-परम्परा को सबसे अधिक दर्शाने वाली चीजों को रखेंगे, उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। पहले स्थान पर आने वाले को 25 हजार, दूसरे वाले को 15 हजार और तीसरे स्थान वाले को पांच हजार की राशि दी जाएगी। नवरात्र का मेला खत्म होने के बाद स्वदेशी स्टॉल के टेंट को दूसरे भीड़ भाड़ वाले आकर्षक केन्द्र पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। टेंट लगाने और पुरस्कार वितरण में खर्च होने वाली राशि बिहार राज्य खादी ग्रामोद्याोग बोर्ड पटना की ओर से जिला उद्योग केन्द्र को उपलब्ध कराई जाएगी।



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