बिहार : बिहार में कोल इंडिया लिमिटेड 500 मेगावाट क्षमता वाला सौर ऊर्जा केंद्र स्थापित करने जा रही है। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दूबे ने राज्य के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव को पत्र भेजकर इस परियोजना की स्वीकृति दी है। इस परियोजना के पूरा होने पर पटना जैसे शहर की आधी आबादी को बिजली आपूर्ति की जा सकेगी और कुल उत्पादन में से एक तिहाई हिस्सा गैर परंपरागत ऊर्जा के कोटे को भी पूरा करेगा।बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में 500 मेगावाट क्षमता वाला सौर ऊर्जा केंद्र स्थापित होगा


मौजूदा समय में बिहार में कई सोलर परियोजनाएं कार्यान्वित हैं। लखीसराय के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैट्री आधारित सोलर बिजली घर निर्माणाधीन है, जिसमें पहले चरण में 185 मेगावाट और दूसरे चरण में 241 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2029-30 तक 23,968 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन हो, जिसमें 20,000 मेगावाट केवल सोलर ऊर्जा का लक्ष्य है। मौजूदा समय में बिहार में कई सोलर परियोजनाएं कार्यान्वित हैं। लखीसराय के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैट्री आधारित सोलर बिजली घर निर्माणाधीन है, जिसमें पहले चरण में 185 मेगावाट और दूसरे चरण में 241 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2029-30 तक 23,968 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन हो, जिसमें 20,000 मेगावाट केवल सोलर ऊर्जा का लक्ष्य है।

कोल इंडिया अन्य राज्यों में भी सोलर परियोजनाओं पर कार्यरत है। गुजरात में 400 मेगावाट, राजस्थान में 2,250 मेगावाट और उत्तरप्रदेश में 500 मेगावाट की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्तमान में यह कंपनी सहयोगी कंपनियों के माध्यम से 119 मेगावाट सोलर बिजली का उत्पादन कर रही है। बिहार में बढ़ती सौर ऊर्जा परियोजनाओं से राज्य की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार, और पर्यावरण अनुकूल बिजली उत्पादन को बल मिलेगा। यह कदम राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को पाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



Leave a Reply