पटना: बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने समस्तीपुर विद्युत आपूर्ति इकाई के अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के कई ठिकानों पर छापेमारी की है. अधीक्षण अभियंता विवेकानंद पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.
आय से अधिक संपत्ति का है मामला
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गुप्त प्राप्त जानकारी के सत्यापन के बाद पाया गया कि विवेकानंद ने अपनी वैध आय 2 करोड़ 74 लाख रुपए की तुलना में करीब 4 करोड़ 87 लाख 30 हजार रुपए की परिसंपत्ति अर्जित की है. यानी उनकी संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 77.84 प्रतिशत अधिक पाई गई.

इन धाराओं के तहत केस दर्ज
इसे भ्रष्ट आचरण मानते हुए आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-27/2025 दर्ज किया गया. इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा-13 (2) और 13 (1)(बी) भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित-2018 के प्रावधान लागू किए गए हैं.
इन जिलों में छापेमारी
प्रेस विज्ञप्ति के जरिए आगे बताया गया कि EOU ने मंगलवार को न्यायालय से तलाशी अधिपत्र प्राप्तकर विवेकानंद के विभिन्न आवासों और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की. जिसमें समस्तीपुर, सिवान और पटना में अलग-अलग जगह शामिल है.

EOU ने दी आधिकारिक जानकारी
आर्थिक अपराध इकाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छापेमारी की कार्रवाई 24 सितंबर को सुबह शुरू की गई है. तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है. इसका विस्तृत ब्यौरा छापेमारी पूरी होने के बाद जारी किया जाएगा. फिलहाल, अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति संबंधी कागजात अपने कब्जे में लिए हैं.
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की तैयारी
विधानसभा चुनाव से पहले बिहार सरकार ने प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है. इसी क्रम में आर्थिक अपराध इकाई ने यह बड़ी कार्रवाई की है. EOU की टीम का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.




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