पटना: राजधानी पटना के राजेन्द्र नगर स्थित 21 एकड़ में फैले डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. उद्घाटन के बाद उन्होंने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक गैलरियों, प्रदर्शनियों तथा तकनीकी सुविधाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया. निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने एक दीवार पर अपनी तस्वीर देखी तो मुस्कुरा उठे, जिसे देख अधिकारी भी मुस्करा पड़े.
सीएम ने किया साइंस सिटी का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने प्रथम तल पर मैग्नेटिक बॉल से जुड़ा एक रोचक वैज्ञानिक प्रयोग देखा और स्वयं भी उसमें भाग लेकर बॉल को उछाला. इस दौरान उपस्थित बच्चों ने तालियों से उनका स्वागत किया, जिसे उन्होंने गर्मजोशी से स्वीकार किया. भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने उन्हें साइंस सिटी की तकनीकी और संरचनात्मक जानकारी विस्तार से दी.

विज्ञान की पांच गैलरियों से सुसज्जित सिटी
कार्यक्रम में डॉ कलाम साइंस सिटी के निर्माण पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई. यह सिटी विज्ञान की पांच खास गैलरियों, 269 विज्ञान प्रदर्श, ऑडिटोरियम, 4D थियेटर तथा छात्रों व शिक्षकों के लिए डॉरमेट्री जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसका उद्देश्य विज्ञान को रोचक व सहज रूप में प्रस्तुत करना है.
सभी उम्र के लिए विज्ञान का आधुनिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र न सिर्फ बच्चों, बल्कि सभी आयु वर्ग के लोगों को विज्ञान और नवाचार की ओर आकर्षित करेगा. यह स्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को जानने-समझने का देश का एक अनूठा और प्रभावी मंच बनेगा, जो लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होगा.

छात्रों में विज्ञान के प्रति बढ़ेगी रुचि
उन्होंने यह भी कहा कि यहां आने वाले छात्र विज्ञान के सिद्धांतों, गतिविधियों और मूलभूत अवधारणाओं को अनुभवात्मक तरीके से समझ सकेंगे. इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की क्षमता का विकास होगा, जो भविष्य के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की नींव तैयार करेगा.
कलाम जी के सम्मान में नामकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साइंस सिटी का नाम महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है. उन्होंने कहा कि कलाम जी का बिहार के प्रति विशेष स्नेह था और उनके विचारों को साकार करने की दिशा में यह केंद्र एक श्रद्धांजलि के रूप में काम करेगा.

विशेषज्ञ संस्थाओं से हुआ प्रदर्शों का अधिष्ठापन
इन गैलरियों के विज्ञान प्रदर्शों को नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (NCSM) के मार्गदर्शन में क्रिएटिव म्यूजियम डिजाइर्न्स (CMD) द्वारा स्थापित किया गया है. पहले चरण में BE A Scientist गैलरी में 12 प्रदर्श और बेसिक साइंस गैलरी में 35 विज्ञान प्रदर्श लगाए गए हैं, जो छात्रों को सक्रिय रूप से विज्ञान से जोड़ते हैं.

889 करोड़ की लागत से बनी साइंस सिटी
इस परियोजना की कुल लागत 889 करोड़ रुपये है, जिसे विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत किया गया. इसका निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग के माध्यम से कराया गया है. परियोजना का उद्देश्य युवाओं में विज्ञान के प्रति जागरूकता और रुचि को बढ़ाना है.
2019 में हुआ था शिलान्यास
इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 1 मार्च 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. लगभग साढ़े चार वर्षों के बाद यह विज्ञान केंद्र अब बनकर तैयार है. यह बिहार में विज्ञान शिक्षा को एक नई दिशा और ऊर्जा देने वाला केंद्र साबित होगा.

परिसर में आधुनिक सुविधाओं की भरमार
साइंस सिटी में 500 सीटों वाला प्रेक्षागृह, 150 शैय्या वाला डॉरमेट्री, मुक्त आकाश रंगमंच, कैफेटेरिया, और वाहन पड़ाव जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं. इसके अलावा, परिसर को पर्यावरण-अनुकूल बनाने हेतु 150 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल भी लगाए जा रहे हैं.




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