बिहार : बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने गुरुवार सुबह पटना के मौर्या होटल पहुंचे हैं। विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल पार्टियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर नीतीश और शाह की मुलाकात को अहम माना जा रहा है। बिहार में एनडीए की सीट शेयरिंग को लेकर सस्पेंस चल रहा है, क्योंकि चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की तरफ से सीटों की डिमांड पर सहमति बन नहीं पा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की तैयारियों को धार और नेताओं को विजय मंत्र देने के लिए अमित शाह बुधवार की रात पटना पहुंचे थे। अमित शाह आज डेहरी और बेगूसराय में 20 जिलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक करने जा रहे हैं, जहां वो भाजपा के चुनावी मुद्दों और हमले की धार की दशा-दिशा तय करेंगे। पांच दिन पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भाजपा कोर कमिटी की बैठक में शामिल होने पटना आए थे, लेकिन तब दिल्ली लौटने से पहले उनकी सीएम नीतीश से मुलाकात नहीं हुई थी।

जेपी नड्डा के दौरे के दौरान नीतीश से उनकी मुलाकात नहीं होने के बाद गठबंधन में सीटों पर किचकिच की अटकलें तेज हुई थीं। माना जा रहा है कि जेडीयू सिर्फ बीजेपी से बातचीत करना चाहती है और यह भी चाहती है कि चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे सहयोगी नेताओं से भाजपा ही बात करे। 2020 के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी के बीच 122-121 सीट का हिसाब बना था जिसमें जेडीयू ने 115 सीटें अपने पास रखकर अपने कोटे से मांझी को दी थी। भाजपा अपने कोटे की 121 सीटों में 110 पर खुद लड़ी और 11 मुकेश सहनी को दे दिया था। तब चिराग पासवान की लोजपा 135 सीटों पर अकेले लड़ गई थी और जेडीयू को कई सीटों पर नुकसान पहुंचाया था।




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