पटना: राजधानी में प्रदर्शन करने पहुंचे संविदा कर्मी पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान कई कर्मी घायल हो गए. बिहार सरकार ने 16 अगस्त से बिहार में महासर्वे अभियान चलाया था. इस दौरान पहले से भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग में काम कर रहे सर्वे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे.

क्या है मामला
बिहार सरकार ने फरमान जारी कर 30 अगस्त तक उन्हें काम पर लौटने को कहा, लेकिन कर्मचारी नहीं लौटे तो 3 सितंबर को लगभग 7000 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया. इसके बाद से सभी कर्मचारी लगातार गर्दनीबाग धरनास्थल पर धरना दे रहे थे.
बीजेपी कार्यालय का घेराव
बुधवार को सभी कर्मचारी बीजेपी कार्यालय के पास पहुंचे और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया. पुलिस ने पहले समझाया और उसके बाद पुलिस ने इन प्रदर्शन करने वाले सर्वे कर्मचारियों पर लाठियां चलायी.

पुन: बहाल करने की मांग
सर्वे कर्मचारियों की मांग है कि पुनः नौकरी पर बहाल की जाए. जबकि विभाग का कहना है कि जब हमने महासर्वे अभियान बिहार में चलाया तो इन्होंने साथ नहीं दिया. वैसे भी यह कर्मचारी संविदा पर बाल हुए थे, उनकी संविदा खत्म कर दी गयी है. अब इन्हें काम पर फिर से नहीं लौट देंगे.
‘सरकार को विचार करना चाहिए’
इसमें अमीन कानूनगो सहित कई तरह के संविदा कर्मी है. प्रदर्शन कर रही संविदा कर्मी आस्था कुमारी बता रही हैं कि सरकार ने अचानक हम लोगों को नौकरी से हटाया है. ऐसा नहीं होना चाहिए. सरकार को हमारी मांग पर विचार करनी चाहिए.

पुलिस बलों की तैनाती
इधर, फिलहाल पटना पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को अलग किया है. बीजेपी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी. लाठीचार्ज के बाद से घटनास्थल पर माहौल गर्म है. पुलिस लगातार लोगों को समझाकर हटा रही है.



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