मुजफ्फरपुर: जंक्शन के प्लेटफॉर्म चार से सोमवार की सुबह एक दर्जन नाबालिकों को मुक्त कराते हुए तीन मानव तस्करों को रेल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तस्कर नाबालिगों को आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी और विजयवाड़ा की पेटी फैक्ट्री में काम कराने ले जा रहे थे। सभी नाबालिग मुजफ्फरपुर, पूर्वी और पश्चिम चंपारण के रहने वाले हैं। इनकी उम्र 10 से 16 वर्ष के बीच है।

गिरफ्तार तस्करों में दो चंपारण और एक मुजफ्फरपुर के कुढ़नी थतिया का रहने वाला है। आरपीएफ-जीआरपी, निर्देश और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने संयुक्त रूप से मुखबिर की सूचना पर नाबालिगों को मुक्त कराया। इनके पास जेनरल श्रेणी का टिकट मिला है। तस्कर इनको सुबह में 15228 मुजफ्फरपुर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस से ले जाने की फिराक में थे। इस दौरान रेल एसपी मुजफ्फरपुर बीना कुमारी और समस्तीपुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष कुमार ने निर्देश पर कार्रवाई की गयी।

कार्रवाई का नेतृत्व आरपीएफ इंस्पेक्टर मनीष कुमार कर रहे थे। तीनों तस्करों को पूछताछ के बाद रेल थाना को सौंप दिया गया है। इनके पास से तीन मोबाइल जब्त किये गये हैं। परिजनों को दिया था 8 से 10 हजार एडवांस इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि कुढ़नी थतिया के अरविंद कुमार, पश्चिम चंपारण के खैरा टोला के लाल बिहारी और पूर्वी चंपारण के अजय कुमार मांझी को गिरफ्तार किया गया।

तीन बच्चे मुजफ्फरपुर और अन्य चंपारण इलाके के हैं। सभी के परिजनों को बुलाकर काउंसिलिंग की जा रही है। पूछताछ के बाद सभी को चाइल्ड लाइन के हवाले किया गया है। परिजनों ने पूछताछ में आरपीएफ को बताया कि तस्कर मोटी रकम का लालच देकर बच्चों को ले जा रहे थे। तस्करों ने 8-10 हजार रुपये एक-एक बच्चे के परिजन को एडवांड दिया था।



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