पटना : शिक्षक दिवस के मौके पर पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से चुने गए 71 उत्कृष्ट शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया. इस दौरान मंच से शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से अपील किया कि बच्चों को मोबाइल की लत से दूर करें और उनमें किताबें पढ़ने की आदत डालें. उन्होंने ‘बैक टू बुक्स’ मुहिम को गति देने की अपील की.

सम्मानित होने वाले 71 शिक्षक में 29 महिलाएं
शिक्षा विभाग की ओर से राज्य भर के जिन 71 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उनमें 29 महिला शिक्षक भी शामिल हैं. चयनित शिक्षकों में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और उर्दू विद्यालयों के शिक्षक-प्रधानाध्यापक शामिल रहे. सभी को मंच पर बुलाकर प्रशस्तिपत्र, स्मृति-चिह्न और ₹30,000 की नकद राशि प्रदान की गई. शिक्षा मंत्री और विभाग के अधिकारियों के द्वारा शिक्षकों को यह सम्मान दिया गया.

‘खेल-खेल में पढ़ाई के लिए सम्मान’
मधेपुरा के मानिकपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रंजना कुमारी ने बताया कि पहली बार उन्हें यह सम्मान मिला है और उन्हें काफी गर्व महसूस हो रहा है. यह सम्मान उन्हें पढ़ाई में नवाचार और खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाई सीखाने के लिए मिला है. वह जिला स्तरीय सभी कार्यक्रमों में अपने बच्चों को भाग दिलवाती हैं और बच्चे पुरस्कार भी लेते हैं. इसमें काफी मेहनत होता है और बच्चों का उनके विद्यालय में सर्वांगिक विकास होता है.

टीएलएम में नवाचार के लिए पुरस्कार
सुपौल के प्लस टू विद्यालय की शिक्षिका नेहा कुमारी ने बताया कि वह काफी गर्व महसूस कर रही है क्योंकि पहली बार उन्हें यह राजकीय पुरस्कार मिला है. उन्होंने कई विद्यालयों में नवाचार के माध्यम से बच्चों को सीखाने का काम किया है और टीएलएम में भाग लिया तो बेहतर टीएलएम के लिए उन्हें सम्मान मिला था. उन्होंने एक टीएलएम का आविष्कार किया जो बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ पर्यावरण के महत्व को भी सीखाता है. वह बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ पर्यावरण और पर्यावरण के साथ सामाजिकता का भी ज्ञान देती हैं.




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