पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आज सक्षमता परीक्षा 2025 (तृतीय) का परिणाम जारी कर दिया. समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा का परिणाम जारी किया. इस परीक्षा में सफलता का ग्राफ काफी नीचे गिरा है. कुल 24436 शिक्षक अभ्यर्थियों में से केवल 7893 ही सफल हो पाए, जबकि 16543 शिक्षक परीक्षा में असफल हो गए. इस तरह कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 32.30% रहा और 67.70% शिक्षक फेल हो गए.

वर्गवार परिणाम
वर्गवार परिणाम को देखते हुए परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्राथमिक वर्ग (कक्षा 1 से 5) के शिक्षकों की स्थिति सबसे कमजोर रही. कक्षा 1-5 में 21157 में से केवल 6144 सफल (29.04% पास, 70.96% फेल) हुए. कक्षा 6-8 में 1802 में से 949 सफल (52.66% पास, 47.34% फेल) हुए. कक्षा 9-10 में 1076 में से 594 सफल (55.20% पास, 44.80% फेल) हुए और कक्षा 11-12 में 401 में से 206 सफल (51.37% पास, 48.63% फेल) हुए. यानी उच्च कक्षाओं के शिक्षकों का प्रदर्शन प्राथमिक स्तर की तुलना में बेहतर रहा, लेकिन समग्र रूप से परीक्षा परिणाम काफी निराशाजनक रहे.

परीक्षा का स्वरूप
यह परीक्षा 23 से 25 जुलाई 2025 के बीच पटना स्थित आठ कंप्यूटर केंद्रों पर ऑनलाइन मोड में आयोजित हुई. अभ्यर्थियों को 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया गया था। प्रश्न पत्र में कुल 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे. 30 भाषा से, 40 सामान्य अध्ययन से और 80 प्रश्न संबंधित विषय से प्रश्न थे. उत्तीर्णांक के मानक की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 40% रखा गया था. पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5%, अति पिछड़ा वर्ग के लिए 34%, SC/ST, महिला एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 32% अंक निर्धारित थे.

पिछले परिणामों से तुलना
सक्षमता परीक्षा का यह तीसरा चरण था और यह अब तक का सबसे कमजोर परिणाम लेकर आया है. पहली परीक्षा (26 फरवरी से 6 मार्च 2024) में 94.37% शिक्षक सफल हुए. दूसरी परीक्षा (23 से 26 अगस्त 2024) में 81.31% सफल हुए और तीसरी परीक्षा (जुलाई 2025) में केवल 32.30% सफल हुए.

तीनों चरणों को मिलाकर अब तक कुल 2,61,854 शिक्षक अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जो अब नियोजित शिक्षक से विशिष्ट शिक्षक बन गए हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि यह परिणाम औपबंधिक है. शिक्षा विभाग सफल उम्मीदवारों की काउंसलिंग कराएगा और इसके बाद उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.



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