पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब सड़कों तक पहुंच चुका है. शुक्रवार को पटना स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सैकड़ों कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते नजर आए. प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.

कांग्रेस कार्यालय का गेट तोड़कर अंदर घुसे कार्यकर्ता
प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ता कुर्जी मोड़ से मार्च करते हुए कांग्रेस दफ्तर तक पहुंचे. हालात तब बिगड़ गए जब भाजपा कार्यकर्ता कथित रूप से कांग्रेस कार्यालय का गेट तोड़कर अंदर घुस गए और वहां राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे. इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई.

बीजेपी कार्यकर्ताओं का हंगामा
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई. देखते ही देखते यह झड़प हिंसक रूप ले बैठी. एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. कांग्रेस कार्यालय परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है.

पत्थरबाजी और तोड़फोड़
हालात बिगड़ने पर दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई. कांग्रेस कार्यालय परिसर में खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और नुकसान पहुंचा. मारपीट में कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आई हैं. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन तब तक काफी क्षति हो चुकी थी. हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया.

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
इस घटना पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने घटना की निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और कार्रवाई नहीं की. फिलहाल सदाकत आश्रम में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है.
‘जितनी निंदा की जाए कम’
भाजपा द्वारा सदाकत आश्रम (कांग्रेस दफ्तर) में घुसने पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, “इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है.”

पुलिस ने लिया मोर्चा
फिलहाल सदाकत आश्रम के आसपास पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. स्थिति को काबू में बताया जा रहा है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है.



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