समस्तीपुर: बिहार में गंगा नदी उफान पर है। नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से निचले इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। समस्तीपुर जिले में मोहनपुर प्रखंड से गुजरने वाली गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह खतरे के निशान से 105 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे किनारे वाले आबादी क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। भागलपुर शहर में भी गंगा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर गया है। यहां दोबारा बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल दलसिंहसराय के सरारी स्थित कैंप में तैनात सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने जानकारी दी है कि गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के फलस्वरुप गुरुवार को जलस्तर 4655 सेंटीमीटर तक पहुंच गया। जलस्तर की प्रवृत्ति बढने की ओर है। बता दें कि यहां खतरे का निशान 4550 सेंटीमीटर ही है। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से बाढ़ की आशंका लोगों के मन में होने लगी है।

जहिंगरा, बरुआ, सरसावा, हरदासपुर, नवहरिया, बरियारपुर, बघडा, चपरा, दक्षिणी डूमरी, जौनापुर, मटिऔर के निचले इलाकों में गंगा का पानी तेजी से पसरने लगा है। इस कारण यहां रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल दलसिंहसराय के कर्मियों के द्वारा दिन-रात तटबंधों की निगरानी की जा रही है।

भागलपुर में दोबारा बाढ़ का खतरा, वॉर्निंग लेवल के ऊपर गंगा
दूसरी ओर, भागलपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्र में भी गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के पार हो गया है। 28 अगस्त को सुबह 10 बजे जलस्तर 33.05 मीटर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि जलस्तर अभी भी डेंजर लेवल 33.68 मीटर से 63 सेंटीमीटर कम है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार शुक्रवार तक जलस्तर डेंजर लेवल यानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच सकता है। इससे जिले में एक बार फिर से बाढ़ से कई निचले इलाके डूब सकते हैं। इससे लाखों की आबादी प्रभावित हो सकती है।




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