गया: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा में बगावतशुरू हो गई है. महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव सह जिला परिषद सदस्य पार्वती देवी ने खुलकर कह दिया है कि इस बार अगर उनको टिकट नहीं मिला तो वह दीपा मांझी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ेंगी. उधर रविवार को इसी तरह के बगावती तेवर दिखाने वाले हम के प्रदेश महासचिव लक्ष्मण मांझी को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया था.

पार्वती देवी ने खोला मोर्चा:
पार्वती देवी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार यदि उन्हें विधानसभा चुनाव में भी इमामगंज से टिकट नहीं मिला तो वह पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ेंगी. पार्वती देवी ने मीडिया को बताया कि वह पिछले कई दशक से सक्रिय राजनीति में हैं. जीतन मांझी के पहले चुनाव में भी अहम भूमिका निभाई थी और उसके बाद उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की थी.

‘टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय लड़ूंगी चुनाव’
उन्होंने कहा कि वह इमामगंज विधानसभा से जीतनमांझी के बाद टिकट की दावेदार थी लेकिन पार्टी ने कभी उचित सम्मान नहीं दिया. उपचुनाव में पार्टी की ओर से दीपा मांझी को टिकट दे दिया गया. पार्वती देवी ने कहा कि उस समय तो उन्होंने कुछ नहीं बोला लेकिन अगर इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला तो वह दीपा के खिलाफ मैदान में उतर जाएंगे.

कौन हैं पार्वती देवी?
हम पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव पार्वती देवी स्थानीय नेता हैं, जिनकी इमामगंज इलाके में मजबूत पकड़ है. वह लंबे समय से जीतनराम मांझी के साथ जुड़ी हैं. जिला परिषद सदस्य के रूप में उन्होंने शानदार कार्य करने का दावा किया है.

इमामगंज से दीपा मांझी हैं विधायक
गया जिले की इमामगंज विधानसभा सीट (सुरक्षित) से केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी कई बार विधायक रहे हैं. 2024 जब वह गया सीट से लोकसभा चुनाव जीत गए तो इमामगंज से इस्तीफा दे दिया. उपचुनाव में उन्होंने अपनी बहू और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन की पत्नी को उम्मीदवार बनाया और वह जीत गईं.
क्या कहते हैं जानकार?
सियासी जानकारों के मुताबिक अगर टिकट की रेस में रहने वाले स्थानीय उम्मीदवारों को इस बार भी अहमियत नहीं दी गई तो हम पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है. जिस तरह से पार्टी में बगावत नजर आने लगी है, उससे साफ पता चलता है कि इस बार हम पार्टी में बड़ी टूट हो सकती है. खास बात ये भी है कि विपक्ष भी जीतनमांझी की पार्टी पर नजर रखे हुए है और उनके बड़े नेताओं से संपर्क में हैं.

लक्ष्मण मांझी ने भी दिखाए थे बागी तेवर
प्रदेश महासचिव लक्ष्मण मांझी ने भी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. उन्होंने दो दिन पहले ही जुलूस भी निकाला था, जिसमें काफी संख्या में मुसहर समाज के लोग शामिल हुए. इस दौरान जीतनराम मांझी, संतोष कुमार सुमन और दीपा मांझी के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे भी लगे थे. हालांकि उनको एक दिन पहले पार्टी से निकाल दिया गया है.



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