बिहार : गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण आई बाढ़ मुंगेर जिले में भयावह हो चुकी है। प्रसाशनिक आंकड़ों के अनुसार, जिले के सदर ,जमालपुर बरियारपुर ,धरहरा और हवेली खड़गपुर केतिस पंचायत के 213 गांव पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित हैं। जबकि नगर निकाय क्षेत्र के 15 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्र के 26 हजार घर के दो लाख बीस हजार आवादी और शहरी क्षेत्र के इक्कीस हजार छह सौ घरों की अठारह हजार आबादी बाढ़ की चपेटमें है। इसके अलावा सात हजार 933 पशु भी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।


निशुल्क 80 नावों का परिचालन हो रहा
जिला प्रसाशन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आवागमन के लिए निशुल्क 80 नावों का परिचालन करा रहा है। नाव की सहयाता से लोग परिवार व पशु और जरूरी सामान के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाहर आ रहे हैं। लोग प्रसाशन द्वारा बनाये गए आश्रय स्थल या ऊंचे स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। जिला प्रसाशन की और से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए समूचे जिला में 29 आश्रय स्थानों पर आश्रय स्थल बना कर सामुदयिक किचन का संचालन कराया जा रहा है।


ये दो खंड सबसे ज्यादा प्रभावित
प्रसाशनिक आंकड़ा के अनुसार, सबसे अधिक सदर प्रखंड और बरियारपुर प्रखंड के लोग बाढ़ से प्रभावित हुए है। सदर प्रखंड के बारह पंचायत के 110 गांव और 15 वार्ड के एक लाख 48 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए है। बरियारपुर प्रखंड के आठ पंचायत के 39 गांव के 60 हजार ग्रामीण बाढ़ प्रभावित हुए है। इसी तरह जमालपुर के पांच पंचायत के 40 गांव के 22 हजार लोग ,धरहरा प्रखंड के तीन पंचायत के 22 गांव के छह हजार 500 लोग वही खगड़पुर प्रखंड के पंद्रह हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।






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