मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही हत्याकांड में आरोपित विक्रांत शुक्ला उर्फ विक्कू शुक्ला का गिरफ्तारी के समय माल गायब कर देने के आरोप को लेकर हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। जस्टिस संदीप कुमार ने सुनवाई करते हुए एसएसपी मुजफ्फरपुर से जवाब मांगा है। चार अगस्त को आदेश जारी कर एसएसपी को अपील का बिंदूवार जवाब हलफनामा के माध्यम से दायर करने को कहा गया है। एसएसपी को यह भी बताना है कि विक्कू शुक्ला से जब्त सामान की सीजर लिस्ट क्यों नहीं बनी? इस कांड में चार लोगों को गोलियों से भून दिया गया था।

बिल्डर विक्कू शुक्ला का आरोप है कि आशुतोष शाही हत्याकांड में पुलिस ने काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित उसके आवास से उसकी गिरफ्तारी की थी। गिरफ्तारी के बाद उसे सीधे रामपुर हरि थाने पर ले जाया गया। उसके पास गले में सोने की चेन और रुद्राक्ष की कीमती माला थी। अंगूठी और घड़ी के अलावा भी अन्य कई सामान थे। सारा सामान पुलिस कर्मियों ने हाजत में बंद करने से पहले ही उतरवाकर ले लिया।

डीजीपी से थानेदार तक को बनाया आरोपित
याचिका में विक्कू शुक्ला ने गृह विभाग के प्रधान सचिव, डीजीपी के अलावा सीआईडी के आईजी, सीआईडी के एसपी, तिरहुत रेंज के आईजी, मुजफ्फरपुर के एसएसपी के अलावा एक डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर और तीन तत्कालीन नगर थानेदार को आरोपित बनाया है। इसमें आशुतोष शाही की पत्नी दिपांदिता को भी पक्षकार बनाया गया है।
21 जुलाई 2023 को आशुतोष की हत्या हुई
बताते चलें कि 21 जुलाई 2023 को मुजफ्फरपुर शहर के लकड़ी ढाई मोहल्ला में अधिवक्ता डॉलर के घर पर आशुतोष शाही की हत्या दो बाइक से पहुंचे चार शूटर ने कर दी थी। इसमें उनके तीन निजी बॉडीगार्ड को भी गोली लगी थी। तीनों की मौत हो गई। आशुतोष शाही पूर्व मेयर समीर कुमार की हत्या कांड का आरोपी था। हालांकि, लंबे समय से आशुतोष समीर कुमार का शागिर्द था। बदमाशों ने आशुतोष को डेढ़ मिनट मे 13 गोलियां मारकर छलनी कर दिया था।








Leave a Reply