पटना: बिहार में अगले 3 महीनों में विधानसभा का चुनाव होना है. ऐसे में इलेक्शन से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार की 17 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त कर दी है. जहां तक पूरे देश की बात की जाए तो देश भर में 334 राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है.

किन-किन दलों की मान्यता रद्द?
भारतीय बैकवार्ड पार्टी (पटना), भारतीय सुराज दल (पटना), भारतीय युवा पार्टी डेमोक्रेटिक (पटना), भारतीय जनतंत्र सनातन दल (बक्सर), बिहार जनता पार्टी (सारण), देसी किसान पार्टी (गया), गांधी प्रकाश पार्टी (कैमूर), हिमाद्री जनरक्षक समाजवादी विकास पार्टी जनसेवक (पटना), क्रांतिकारी समाजनादी पार्टी (पटना) शामिल हैं.
इसके अलावे लोक आवाज दल (पटना), लोकतांत्रिक समता दल (पटना), नेशनल जनता पार्टी इंडियन (वैशाली), राष्ट्रवादी जन कांग्रेस (पटना), राष्ट्रीय सर्वोदय पार्टी (पटना), सर्वजन कल्याण लोकतांत्रिक पार्टी (पटना) और व्यवसायी किसान अल्पसंख्यक मोर्चा (जमुई) की भी मान्यता रद्द की गई है.

देशभर 334 राजनीतिक दल की मान्यता खत्म
निर्वाचन आयोग के द्वारा जो ताजा आंकड़ा दिया गया है, उसमें देश भर में कुल 2854 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से 2520 राजनीतिक दल बचे हैं. निर्वाचन आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अब जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29(B) और धारा 29(C) के तहत 1968 के प्रावधानों के तहत कोई भी लाभ नहीं ले पाएगा.

30 दिनों की मोहलत मिली
देश की कुल 334 और बिहार की जिन 17 राजनीतिक पार्टियों की मान्यता खत्म की गई है, उसको लेकर निर्वाचन आयोग ने उन राजनीतिक दलों को 30 दिनों के अंदर अपील करने का समय दिया. 30 दोनों के अंदर राजनीतिक दल अपनी मान्यता को लेकर निर्वाचन आयोग में अपील कर सकते हैं.

मान्यता समाप्त करने का कारण?
निर्वाचन आयोग में जिन राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त की है, इसके पीछे अनेक कारण है. इसके पीछे की जो वजह है, उनमें वैसे राजनीतिक दल शामिल हैं, जो पिछले 6 वर्षों से चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए हैं. साथ ही पंजीकृत पते पर राजनीतिक पार्टी का कार्यालय जांच में नहीं पाया गया.







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