गया : बिहार के गया में तैनात एसआई अनुज कश्यप आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है. इस मामले में एक महिला दारोगा के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. शहर के रामपुर थाने में महिला दारोगा के खिलाफ आत्महत्या करने के लिए उकसाने और दबाव बनाने को लेकर धारा 108 बीएनएस के तहत केस दर्ज हुआ है. महिला दारोगा से एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है. महिला दारोगा को पुलिस सुरक्षा में पुलिस लाइन केंद्र में रखा गया है, हालांकि अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

बेलागंज थाना में महिला दारोगा है तैनात
महिला दारोगा भी 2019 की अधिकारी हैं. वो वर्तमान में गया जिले के बेलागंज थाना में तैनात हैं. इससे पहले वो इमामगंज थाना में थी जहां अनुज कश्यप भी थे. मृतक अनुज कश्यप वर्तमान में गयाजी के वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार के कार्यालय में मीडिया सेल के इंचार्ज थे.

पिता ने लगाया है आरोप
दारोगा अनुज कश्यप के पिता ने महिला दारोगा पर उकसाने का और शादी करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था. उन्होंने एसएसपी से भी इसकी शिकायत की थी. पिता भवनाथ मिश्रा ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को उन्हीं के बैचमेट महिला दारोगा लगातार परेशान कर रही थी. शादी करने के लिए जबरदस्ती कर रही थी, जबकि अनुज शादी शुदा था और उसकी पत्नी चार महीने की प्रेग्नेंट है.
पटना की रहने वाली महिला दारोगा
बता दें कि गया शहर में स्थित रामपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दारोगा अनुज कश्यप ने आत्महत्या कर ली थी. अनुज सहरसा जिले का रहने वाला था, जबकि उसकी बैचमेट महिला दारोगा पटना जिले के विक्रम की रहने वाली है. पिता का दावा है कि अनुज महिला को पसंद नहीं करता था लेकिन उस पर वो लगातार दबाव बना रही थी. इस संबंध में वो अपने पिता को भी बता चुका था.

रामपुर थाना अध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि महिला दारोगा के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. अनुज और महिला दारोगा दोनों एक ही बैच के थे. मृतक के पिता के लिखित आवेदन पर केस दर्ज कर लिया गया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला दारोगा अनुज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी. अभी उसे सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस लाइन केंद्र में रखा गया है. गिरफ्तारी नहीं हुई है. जांच के उपरांत आगे की कार्रवाई होगी.

सबसे पहले महिला दारोगा ही पहुंची थी
अनुज किराए के मकान पर कोइली पोखर मोहल्ले में रहता था. गुरुवार की रात 1:00 बजे वो अपने सरकारी काम से लौटकर रूम में सोने आया था. मकान मालकिन सरिता देवी के अनुसार सुबह 5:30 बजे महिला दारोगा वहां पहुंची थी, जो आस पास के सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता है.

सरिता देवी के अनुसार, जिस समय महिला दारोगा पहुंची थी उस समय अनुज के रूम का दरवाजा अंदर से बंद था. वह जोर-जोर से दरवाजा खटखटा रही थी. जब दरवाजा नहीं खुला तो वह खुद ही दरवाजा तोड़ने लगी. हम कुछ समझ पाते तभी महिला दारोगा चिल्लाने लगी. इस दौरान हमने तुरंत अनुज की पत्नी को फोन किया और साथ ही पुलिस को भी सूचना दी. स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो देखा कि अनुज ने आत्महत्या कर ली है.

कैसे इतनी सुबह पहुंची?
अनुज के परिजनों ने भी सवाल उठाया है कि महिला दारोगा को आत्महत्या की बात मालूम थी, तभी तो वो इतनी सुबह पहुंची. पुलिस को भी लगता है कि शायद मोबाइल फोन पर बात करते-करते अनुज ने आत्महत्या की हो. पुलिस जब कमरे में पहुंची थी तो अनुज का उस समय मोबाइल फोन बंद था.

कागजात चुराने का भी आरोप
अनुज के पिता ने महिला दारोगा पर कई आरोप लगाए हैं. उनका एक आरोप यह भी है कि महिला दारोगा ने अनुज के कमरे में रखे कुछ जरूरी कागजात भी गायब कर दिए हैं. उन्होंने यह जानकारी मकान मालकिन के हवाले से दी है.





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