पटना: बिहार सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम ने आज एक और बड़ा झटका दिया है. स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने जहानाबाद में तैनात डीएसपी संजीव कुमार के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी की. यह ऑपरेशन पटना, जहानाबाद और खगड़िया में एक साथ चलाया गया. सुबह 6 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर रात तक जारी रहने की संभावना है. प्रारंभिक जांच में 1.52 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है.

तीन जिलों में एक साथ रेड
एसवीयू की टीमें सुबह पटना में डीएसपी संजीव कुमार के आवासीय फ्लैट, जहानाबाद में उनके कार्यालयीन कक्ष और खगड़िया में उनके पैतृक आवास पर पहुंची. इस समन्वित कार्रवाई का नेतृत्व एसवीयू के डीएसपी रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया, जो सीधे मुख्यालय को रिपोर्ट कर रहे थे. छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री में नगदी, गहने, और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है.

अवैध संपत्ति का खुलासा
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डीएसपी संजीव कुमार ने किसान विकास पत्रों, बेनामी जमीनों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स के जरिए अवैध संपत्ति जमा की. निगरानी विभाग को संदेह है कि उनकी वैध आय से 50% अधिक संपत्ति है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1994 से अब तक उनकी कुल आय लगभग 2 करोड़ रुपये थी, जबकि उनकी संपत्ति 3.5 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. जांच में उनके 20 से अधिक बैंक खातों पर भी नजर रखी जा रही है.

खगड़िया में तीन मंजिला भवन पर नजर
खगड़िया में डीएसपी के पैतृक आवास पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां पांच कट्ठा जमीन पर बना तीन मंजिला भवन जांच के दायरे में है. इस ठिकाने से 12 लाख रुपये के गहने और 1.05 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा, बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी वैधता की जांच की जा रही है. निगरानी विभाग का कहना है कि इन संपत्तियों का स्रोत संदिग्ध है और यह भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है.

बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा
यह छापेमारी बिहार सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है. पिछले छह महीनों में यह तीसरा बड़ा मामला है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगा है. जुलाई 2025 में मद्य निषेध विभाग के डीएसपी अभय प्रसाद यादव के ठिकानों पर छापेमारी में 1.99 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद हुई थी. इसके अलावा, फरवरी में सैंड माफिया से जुड़े डीएसपी संजय कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कार्रवाई की थी.

जांच और आगे की कार्रवाई
एसवीयू ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों और सबूतों की गहन जांच की जाएगी. अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो डीएसपी संजीव कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है. निगरानी विभाग इस मामले में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है.

भ्रष्टाचार पर लगाम की दिशा में कदम
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की यह कार्रवाई न केवल पुलिस बल में पारदर्शिता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आम जनता में भी विश्वास पैदा कर रही है. डीएसपी संजीव कुमार के खिलाफ यह ऑपरेशन बिहार सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की गंभीरता को दर्शाता है.




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