पटना: राजधानी पटना की सड़कों पर गुरुवार को उस वक्त भारी हलचल मच गई जब STET (स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) के सैकड़ों अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए.

अभ्यर्थियों ने सरकार से स्पष्ट तौर पर मांग की है कि TRE 4 परीक्षा आयोजित करने से पहले STET की परीक्षा कराई जाए और उसका परिणाम भी विधानसभा चुनाव से पहले जारी किया जाए.

पटना में अभ्यर्थी का प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्च निकालने की कोशिश की.

अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले ही यह घोषणा की थी कि STET की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी. लेकिन, 2023 के बाद से अब तक एक भी STET परीक्षा आयोजित नहीं की गई है.

STET परीक्षा नहीं होने से आक्रोश
अभ्यर्थियों का कहना है कि STET परीक्षा आयोजित नहीं होने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने समाज के कई वर्गों के लिए कार्य किया है. लेकिन, लाखों बेरोजगार शिक्षकों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.

जेपी गोलंबर के पास पुलिस तैनात
गुरुवार को यह प्रदर्शन तब और गंभीर हो गया जब छात्र पटना विश्वविद्यालय से विधानसभा मार्च के लिए निकल पड़े.

हालांकि, प्रशासन ने समय रहते जेपी गोलंबर पर ही उन्हें रोक दिया. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े.

आंदोलन होगा उग्र
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि TRE 4 परीक्षा आयोजित करने से पहले STET की परीक्षा कराई जाए और उसके परिणाम चुनाव से पहले जारी किए जाएं. उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है.


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