MUZAFFARPUR

चेतन आनंद और सुरक्षा गार्ड विवाद गहराया, काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे पटना एम्स के डॉक्टर्स, इन मांगों पर अड़े

पटना : पटना AIIMS में शिवहर विधायक चेतन आनंद और सुरक्षा गार्ड के बीच हुई मारपीट की घटना ने चिकित्सा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। घटना के बाद शुक्रवार को AIIMS के डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। जिससे OPD सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। डॉक्टरों ने चेतन आनंद से माफी की मांग की और AIIMS परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

डॉक्टरों ने लगाए नारे

हड़ताल पर गए डॉक्टरों ने AIIMS प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं की गईं तो काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। डॉक्टरों का कहना था कि चेतन आनंद ने गार्ड से मारपीट के दौरान डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इससे चिकित्सा स्टाफ में भय और आक्रोश फैल गया।

AIIMS निदेशक की बैठक के बाद स्थिति शांत

हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए AIIMS के प्रभारी निदेशक ने जूनियर और सीनियर डॉक्टरों की 25 सदस्यीय टीम के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने सभी डॉक्टरों को सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिया और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद हड़ताल कर रहे डॉक्टर शांत हुए और सेवाएं बहाल करने की सहमति दी।

डॉक्टरों की मांगें

विधायक चेतन आनंद से सार्वजनिक माफी की मांग, अस्पताल परिसर में डॉक्टरों की सुरक्षा की गारंटी और प्रशासन द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें डॉक्टरों की ये तीन मांगे हैं। गौरतलब हो कि, पटना एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को शिवहर विधायक चेतन आनंद के ‘दुर्व्यवहार’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण पटना एम्स में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हुईं। चेतन आनंद ने कथित तौर पर एक दिन पहले डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मचारियों सहित अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। उन पर हथियार लहराने और डॉक्टरों को धमकी देने का भी आरोप है। वहीं चेतन आनंद को लेकर यह भी कहा गया था कि उस दौरान उनके साथ ही मार-पिटाई हुई थी।

कानूनी कार्रवाई की मांग 

चेतन आनंद के रवैये के खिलाफ अब रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।आवेदन मेंं वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. जीशान खान (ट्रॉमा सर्जरी) डॉ. अनुपम कुमार (ट्रॉमा सर्जरी) डॉ. व्याख्या गुप्ता (ओएमएफएस) डॉ. शुभम भारद्वाज (ऑर्थोपेडिक्स) डॉ. शिवम शर्मा (बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी) और जूनियर रेजिडेंट डॉ. अमन वर्मा (रेडियोथेरेपी) डॉ. अजय यादव (सीएफएम) डॉ. राहुल कसौधन (एनेस्थीसिया) डॉ. कुलदीप शर्मा (एफएमटी) डॉ. सिथार्थन एम (आपातकालीन चिकित्सा) डॉ. अमित गुप्ता (एनेस्थीसिया) डॉ. सिद्धार्थ सौरभ (नेत्र विज्ञान) डॉ. आनंद कुमार यादव (सीएफएम) डॉ. सयानी दास घोष (ट्रॉमा सर्जरी) डॉ. रितेश कुमार (रेडियोथेरेपी) डॉ. प्राची जैन (रेडियोलॉजी) डॉ. आस्था प्रियदर्शिनी (मनोचिकित्सा) ने संयुक्त रूप से पत्र लिखा है।

डॉक्टरों से माफ़ी मांगे विधायक

डॉक्टरों ने आज सुबह 9:00 बजे से वैकल्पिक सेवाएँ और आपातकालीन सेवाएँ भी सशर्त बंद करने की घोषणा की है। डॉक्टरों ने घोषणा की है कि जब तक आनंद अपने आचरण के लिए माफ़ी नहीं मांगते, तब तक सेवाएँ बहाल नहीं की जाएँगी। डॉक्टरों का कहना है कि हम अपने जीवन और सम्मान को ख़तरे में डालकर काम नहीं कर सकते और न ही करेंगे। आरडीए ने पत्र में आरोप लगाया कि  शिवहर विधायक चेतन आनंद, उनकी पत्नी डॉ. आयुषी सिंह और उनके सशस्त्र गार्ड जबरन अस्पताल परिसर में घुस आए, सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मारपीट की, रेजिडेंट डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी दी और अस्पताल परिसर में बंदूक लहराई। एक अस्पताल गार्ड को बेरहमी से घायल कर दिया गया और रेजिडेंट डॉक्टरों को उनके अपने कार्यस्थल के अंदर ही धमकियों और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।

क्या है पूरा मामला 

एम्स अस्पताल में बुधवार रात करीब 12 बजे उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विधायक चेतन आनंद अपने समर्थकों के साथ एक मरीज से मिलने पहुंचे। इस दौरान अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने मुलाकात को लेकर आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले मामूली बहस हुई लेकिन कुछ ही देर में मामला गर्मा गया। सुरक्षाकर्मियों और विधायक समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

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