MUZAFFARPUR

‘मुझे बेच दिया, एक दिन में मेरे साथ 15 कस्टमर..’ DGP के सामने पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

पटना: बिहार में मानव तस्करी न केवल गंभीर समस्या है, बल्कि पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है. खासकर जिस तरह महिलाओं का शोषण होता है, वह चिंता का विषय है. पुलिस ऑपरेशन में बचाई गईं महिलाओं ने जो आपबीती सुनाई है, उसे सुनकर आप भी रो पड़ेंगे. डीजीपी के सामने पीडित महिलाओं ने बताया कि उनके साथ जबरदस्ती होती थी, इनकार करने पर बुरी तरह से पीटा जाता था. किसी-किसी दिन तो 15-16 कस्टमर के साथ डील करना पड़ता था.

women victims of human trafficking

‘दो साल से रोज मेरे साथ हैवानियत..’

एक पीड़िता ने बताया कि उसके साथ रोज हैवानियत होती थी. मना करने पर मारा-पीटा जाता था. वहां जो महिला ये सब करवाती थी, वह हमें कहती थी कि तुम यहां से बाहर कभी नहीं जा पाओगी. इसी जगह हमेशा रहना है और यही काम हमेशा करना है. उसने बताया कि जब पुलिस की टीम वहां हमें छुड़ाने पहुंची तो हमको गटर में छिपाकर वो लोग भाग गए.

‘एक दिन में 15-16 कस्टमर आते थे’

भयावह यौन शोषण और देह व्यापार की शिकार एक युवती ने बताया कि समस्तीपुर स्टेशन पर एक महिला मिली थी, जो बहलाकर दूसरी महिला के हाथों बेच दिया. उसके बाद उसका जीवन नरक बन गया. उससे जबरन देह व्यापार करवाया जाने लगा. उसने बताया कि एक दिन में 15-16 लोग मेरे शरीर के साथ खिलवाड़ कर अपनी हवस मिटाते थे. विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई की जाती. आज भी चेहरे पर चोट निशान हैं.

पुरुष को बनाया बंधुआ मजदूर

ऐसा नहीं है कि मानव तस्करी का शिकार सिर्फ महिलाएं ही होती हैं, पुरुष भी इसके शिकार होते हैं. एक युवक ने बताया कि उसे ईंट-भट्टे पर बंधुआ मजदूरी बनाकर रखा गया था. एक अन्य युवक ने बताया कि उसकी तस्करी करने के बाद उसे औरंगाबाद के एक ईंट-भट्टे के मालिक को बेच दिया गया. भट्ठे का मालिक उससे दिन-रात काम करवाता था और सप्ताह में मात्र 200 रुपये देता था.

क्या बोले डीजीपी?

बुधवार को विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के मौके पर बिहार पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने माना कि मानव तस्करी असल में नार्कोटिक्स के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अवैध व्यापार है, जिससे जुड़े लोग अकूत पैसा कमा रहे हैं लेकिन दुर्भाग्यवश यह अपराध हमारी प्रथमिकताओं में वह स्थान नहीं रखता, जिसका हकदार है.

चीन-नेपाल कनेक्शन और साइबर अपराध का खतरा

डीजीपी कुमार ने मानव तस्करी के एक नए और खतरनाक पहलू की ओर भी ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में तस्कर अपने ही देश के बच्चों की तस्करी कर चीन और नेपाल के तस्करों के हाथों बेच रहे हैं. इन्हीं बच्चों का इस्तेमाल इंडो-चाइना बॉर्डर पर साइबर अपराधी के रूप में चीन द्वारा किया जा रहा है, यह एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती भी बन रहा है.

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