वैशाली : 6 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सीएम नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा हो गया. मुख्यमंत्री ने करोड़ों की लागत से वैशाली में बने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का उद्घाटन कर दिया. इसके साथ ही इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया है.

15 देशों से आए बौद्ध भिक्षु
उद्घाटन के इस मौके पर 15 देशों से आए बौद्ध भिक्षु भी उपस्थित थे. जिन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की. जिसके बाद सीएम ने मुख्य स्तूप सहित पूरे परिसर का मुआयना भी किया. सीएम के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विजेन्द्र प्रसाद यादव, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक सिद्धार्थ पटेल, अवधेश सिंह के अलावा कई देशों से यहां पहुंचे बौद्ध धर्मावलंबी मौजूद रहे.

अस्थि कलश हुआ स्थापित
संग्रहालय के प्रथम तल पर भगवान बुद्ध का पावन अस्थि कलश स्थापित किया गया है, जो 1958-62 की खुदाई में प्राप्त हुआ था. यह स्मारक का प्रमुख केंद्र बिंदु होगा. पूरी तरह पत्थरों से निर्मित यह स्तूप वंशी पहाड़पुर (राजस्थान) से लाए गए 42,373 बलुआ पत्थरों से टंग एंड ग्रूव तकनीक के माध्यम से जोड़ा गया है. यह संरचना आधुनिक भूकंपरोधी तकनीकों से सुसज्जित है.

वैशाली से मुजफ्फरपुर तक फैला
दरअसल 72 एकड़ भूमि में फैले इस भव्य परिसर को 550.48 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है. यह स्थल एतिहासिक पुष्करणी तालाब और मड स्तूप के समीप स्थित है. यह स्तूप वैशाली जिले से लेकर मुजफ्फरपुर जिला तक फैला हुआ है.

वैशाली बनेगा पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र
स्तूप के परिसर में लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए पुस्तकालय, आगंतुक केंद्र, संग्रहालय, ब्लॉक एमफिल थियेटर कैफेटेरिया, मेडिटेशन सेंटर के अलावा 500 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र पार्किंग तथा अन्य सुविधा भी विकसित की गई है. उद्घाटन के बाद विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र वैशाली हो जाएगा.
ओडिशा के कलाकारों ने तैयार की है प्रतिमा
ओडिशा के कलाकारों द्वारा निर्मित भगवान बुद्ध की प्रतिमा इस स्थल की विशिष्ट पहचान देती है. यह स्तूप न केवल वैशाली को वैश्विक बौद्ध मानचित्र पर प्रतिष्ठित करेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन, संस्कृति और रोजगार को भी नई दिशा देगा.
CM नीतीश ने लिया था संज्ञान
वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह बुद्ध स्मृति स्तूप के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुरू से लेकर अब तक काफी गंभीर रहे हैं. खुद इसके निर्माण कार्य का जायजा लेने सीएम चार बार वैशाली का दौरा कर चुके हैं. वहीं सीएम के निर्देश के आलोक में वैशाली पहुंच डीएम प्रत्येक माह तीन से चार बार निर्माण कार्य का जायजा लेकर निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण कराया.
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग से उत्तर की ओर से इसका मुख्य द्वार बनाया गया है. जहां भगवान बुद्ध की एक मूर्ति स्थापित की गई है. अंदर प्रवेश करने पर दोनों किनारे दो म्यूजियम बने हैं. मुख्य संग्रहालय में एक साथ दो हजार पर्यटक दर्शन कर सकेंगे. यहां प्रवेश के लिए चार द्वार के साथ-साथ रैंप भी बनाया गया है.
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