MUZAFFARPUR

बिहार में महिला DPO और डाटा ऑपरेटर घूस लेते गि’रफ्तार, 4 घंटे की छा’पेमारी में 2 लाख नगद ब’रामद

सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के समाहरणालय स्थित आईसीडीएस कार्यालय में गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई. जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) शोभा सिन्हा और एक डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया.

Bribe In Supaul

आईसीडीएस कार्यालय से नगदी बरामद

इस कार्रवाई में करीब 2 लाख रुपये की नकद राशि जब्त की गई, जो नव नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं (एलएस) से उनके भुगतान की एवज में ली गई थी. इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया.

डीएम के आदेश पर छापेमारी

जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई एसपी शरथ आरएस के नेतृत्व में की गई. अभियान में एसडीएम इंद्रवीर कुमार, बीडीओ और अन्य अधिकारी शामिल थे. लगभग चार घंटे तक चली इस छापेमारी के दौरान आईसीडीएस कार्यालय से भारी मात्रा में नगद राशि बरामद की गई. शोभा सिन्हा के कार्यालय कक्ष और चंदन कुमार के पास से भी नगदी मिली है.

सीएम के हाथों नियुक्ति, फिर भी वसूली की मांग

सूत्रों के मुताबिक, 20 जनवरी को मुख्यमंत्री के सुपौल दौरे के दौरान 15 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे. इसके बावजूद, विभाग द्वारा उनकी औपचारिक नियुक्ति में देरी की जा रही थी. डीपीओ शोभा सिन्हा ने इन चयनित एलएस से प्रति व्यक्ति 25 हजार रुपये की घूस मांगी थी.

एलएस से मंगी रिश्वत

बुधवार को सभी एलएस को कार्यालय बुलाया गया था, और गुरुवार को राशि लेकर आने का निर्देश दिया गया था. गुरुवार को केवल चार-पांच एलएस ही कार्यालय पहुंचीं, जिन्होंने राशि देने की बात स्वीकारी.

सख्त मिजाज वाली अधिकारी की गिरी साख

डीपीओ शोभा सिन्हा अपने कार्यकाल के दौरान अपने कारनामों के लिए चर्चा में रही थीं. वह आम लोगों में अपनी सख्त मिजाज और अनुशासन के लिए जानी जाती थीं. उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी. गुरुवार को उनकी गिरफ्तारी ने उनकी साख को गहरा धक्का पहुंचाया है.

डीएम को मिली थी गुप्त सूचना

जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि उन्हें बुधवार को गुप्त सूचना मिली थी कि गुरुवार को आईसीडीएस कार्यालय में नव नियुक्त एलएस से नियुक्ति के बदले 25 हजार रुपये की अवैध मांग की जा रही है. सूचना थी कि यदि मांगी गई राशि नहीं दी गई, तो उनकी नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी. इस सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें डीपीओ और ऑपरेटर के पास से बरामद नकदी ने आरोपों की पुष्टि की.

दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई

छापेमारी के बाद डीपीओ शोभा सिन्हा और डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों को सदर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में थाने ले जाया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. डीएम ने स्पष्ट किया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी.

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