पटना: राजधानी पटना में गंगा नदी जमकर अपना कहर बरपा रही है. इसी बीच दानापुर से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां गंगा की तेज धारा और उफान में जान जोखिम में डालकर पशुपालक मवेशियों की पूंछ पकड़कर गंगा नदी पार करके मवेशियों को चराने के लिए ले जाते हैं.
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मवेशियों की पूंछ पकड़कर गंगा पार कर रहे पशुपालक
छावनी क्षेत्र के कचहरी घाट में मवेशियों के लिए चारा नहीं मिलता है. जिससे जिनके पास पशु हैं, वो पशुपालक प्रतिदिन गाय-भैंस के सहारे गंगा नदी की तेज धार में मवेशियों की पूंछ पकड़कर या उस पर सवार होकर चारा की तलाश में जाते हैं. रोज लगभग 250 पशु इस तरह से गंगा पार कर चारा के लिए पशुपालक के साथ जाते हैं.


रोज मौत का सामना करते हैं पशुपालक
पशुपालक अपने मवेशियों को चराने के लिए प्रतिदिन पशुओं की पूंछ के सहारे करीब 45 मिनट तक गंगा नदी में मौत का सामना करते हैं. जान जोखिम में डालने वाले पशुपालकों की संख्या एक-दो नहीं बल्कि 50 है, जो चारा की खोज में मवेशियों के साथ गंगा पार जाते हैं और शाम होने से पहले अपने-अपने पशुओं को लेकर घर लौटते हैं.



गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी
बता दें कि गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बीते सोमवार को राजधानी के दीघा घाट में गंगा का जल स्तर 50.35 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.45 मीटर है. वहीं गांधी घाट में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. यानी यहां गंगा का जलस्तर 49.05 मीटर रहा है, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है.






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