पटना : बिहार अब खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में नई बुलंदियों की ओर बढ़ रहा है. राज्य सरकार और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के प्रयास से पाटलिपुत्र एथलेटिक्स स्टेडियम में 22 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का नया रनिंग ट्रैक तैयार किया जा रहा है. यह ट्रैक बिल्कुल उसी तकनीक से बनेगा जैसा पेरिस ओलंपिक 2024 में उपयोग किया गया था. इसका उद्देश्य न केवल खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधा देना है बल्कि बिहार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक्स इवेंट की मेजबानी की तैयारी करना भी है.

अब बिहार में पेरिस ओलंपिक की तकनीक
गौरतलब है कि पेरिस ओलंपिक के ट्रैक को विशेष रूप से इस प्रकार डिजाइन किया गया था कि खिलाड़ी अधिकतम गति प्राप्त कर सकें और चोट की संभावना न्यूनतम रहे. इसमें ‘रेस रिस्पॉन्स टेक्नोलॉजी’ का उपयोग हुआ था, जो ट्रैक को उछाल और स्थिरता प्रदान करता है. अब यही तकनीक बिहार के ट्रैक में देखने को मिलेगी. इससे यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को ओलंपिक जैसे माहौल में तैयारी करने का मौका मिलेगा.

बिहार हॉकी को मिला नया टेक्निकल डायरेक्टर
बिहार में हॉकी से जुड़े विकास को लेकर भी बड़ी पहल की गई है. रवींद्रन शंकरन ने बताया कि भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता हरेंद्र सिंह, जो मूल रूप से बिहार के छपरा से हैं, को बिहार हॉकी का टेक्निकल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. उन्होंने इस पद पर 2028 तक सेवा देने के लिए सहमति दी है. वे हॉकी के उत्थान के लिए रणनीतिक योजनाओं को धरातल पर उतारेंगे.

बिहार में होगा हॉकी कोच डेवलपमेंट प्रोग्राम
हरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में बिहार में हाई परफॉर्मेंस हॉकी सेंटर की स्थापना होगी, जहां खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही कोच डेवलपमेंट प्रोग्राम, प्रशिक्षण शिविर और राज्य स्तरीय टूर्नामेंट्स का आयोजन किया जाएगा. इससे प्रदेश में हॉकी को एक नई पहचान मिलेगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में खेल के हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है. इस प्रयास से आने वाले समय में बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपना परचम लहराते नजर आएंगे.






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