MUZAFFARPUR

यह कैसा विवाह! दो सगे भाइयों ने एक ही दुल्हन को बनाया जीवनसाथी, एक ही मंडप में लड़की के बने दो पति

भारतीय समाज या अधिकांश संस्कृतियों में, दो सगे भाइयों का एक ही लड़की से शादी करना सामाजिक, कानूनी और धार्मिक दृष्टिकोण से अस्वीकार्य माना जाता है. लेकिन एक ही लड़की से दो भाइयों के विवाह करने का एक मामला अब सुर्खियां बना हुआ है. यहां तक कि दोनों भाइयों से परिवार और समाज की रजामंदी से लड़की ने शादी की. दोनों के साथ वह अब पत्नी बनकर रहने को तैयार है. लेकिन एक लड़की की दो भाइयों की बीबी बनने का यह वाकया अब राष्ट्रीय सुर्खियां बना हुआ है.

दो सगे भाइयों की एक ही लड़की से शादी करने का यह मामला हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हुआ है. एक दुल्हन और दो दूल्हा की यह शादी बड़े ही धूम धाम से दोनों परिवारों की सहमति से हुई है. यहां तक कि दोनों लड़के और लड़की तीनों ही शिक्षित हैं, एक लड़का विदेश में नौकरी करता है वहीं दूसरा लड़का सरकारी नौकरी में है. अब वह दोनों के साथ पत्नी बनकर रहेगी. 12, 13 और 14 जुलाई को हुई शादी की रस्मों में परिवार के अलावा, गांव के काफी लोग भी इसमें शामिल हुए.

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हाटी समुदाय में इस प्रथा को यानी दो लडकों से एक लड़की की शादी को “उजला पक्ष” कहा जाता है. यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें एक ही महिला दो या अधिक भाइयों की पत्नी बनती है. इसे सामाजिक मान्यता भी प्राप्त है.

समाप्ति की ओर है प्रथा 

हाटी समुदाय में उजला पक्ष की परम्परा अब समाप्ति की ओर है. सन 70 और 80 के दशक से इसे लेकर सामाजिक तौर पर बदलाव आया. लोगों ने एक लड़की से दो या दो अधिक लड़कों के विवाह करने की प्रथा में बदलाव किया. अब इस समुदाय में भी ज्यादातर एकल शादी ही होती है. लेकिन एक लंबे अरसे के बाद कुन्हट गांव की बेटी का दो लड़कों से विवाह हुआ है. हाटी समाज के इस उजला पक्ष की चर्चा अब पूरे देश में है.

भारतीय कानून के अनुसार अमान्य 

एक ही व्यक्ति की दो जीवित पत्नियाँ या पतियों से शादी बिगैमी कहलाती है, जो भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 494 के तहत (हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत) अपराध है. एक महिला का दो भाइयों से एक साथ शादी करना अमान्य है.

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