MUZAFFARPUR

‘आप अन्नदाता पर अपराध करने का आरोप नहीं लगा सकते’, ADG कुंदन कृष्णन पर भड़के चिराग पासवान

पटना: बिहार के तेजतर्रार आईपीएस ऑफिसर कुंदन कृष्णन अपने उस बयान के कारण विवादों में आए हैं, जिसमें उन्होंने बरसात में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि के लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराया था. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बाद अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एडीजी की आलोचना की है. हालांकि जीतनराम मांझी ने उनका बचाव किया है.

चिराग का एडीजी पर हमला

केंद्रीय मंत्री और एलजेपीआर के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि वह इस बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं कि बरसात से पहले इसलिए घटनाएं बढ़ जाती है, क्योंकि किसान फ्री होते हैं. उन्होंने एडीजी कुंदन कृष्णन पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्नदाताओं पर इस तरह के इल्जाम नहीं लगा सकते हैं. चिराग ने आगे कहा कि जिस तरीके से हाल के दिनों में आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, जिस तरीके से राजधानी पटना के बड़े अस्पताल में घुसकर हत्या की गई है, उसे जायज नहीं ठहराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हकीकत ये है कि एक भी घटना होती है तो प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी होगी.

मांझी ने किया एडीजी का बचाव

हालांकि केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतनराम मांझी ने एडीजी का बचाव करते हुए उनको बहादुर पुलिस अधिकारी बताया. उन्होंने कहा कि कुंदन कृष्णन की कितनी भी आलोचना कर लें लेकिन इस सच को स्वीकारना होगा कि बिहार में जंगलराज को खत्म करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.

असल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुंदन कृष्णन ने दावा किया था कि बिहार में हर साल अप्रैल, मई और जून के महीने में हत्या का वारदात बढ़ जाती है. एडीजी ने इसके पीछे तर्क दिया था कि इस समय ज्यादातर किसानों को कोई काम नहीं रहता है बरसात होने के बाद कृषक के समाज व्यस्त हो जाता है और घटनाएं घटती है. इस बयान का मतलब ये निकाला गया कि खाली समय में किसान शूटर बन जाते हैं.

एडीजी ने मांगी माफी

हालांकि विवाद बढ़ने के बाद एडीजी कुंदन कृष्णन ने सफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिस वजह से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि अगर फिर भी उनके वक्तव्य से किसी को ठेस पहुंची है तो उसके लिए मुझे खेद है. साथ ही इसके लिए वह क्षमाप्रार्थी हैं. कुंदन कृष्णन ने कहा कि उनके पूर्वज भी किसान रहे हैं. इसलिए कृषक समाज से उनका गहरा लगाव है.

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