बिहार : मानसून के सीजन में बिहार की नदिया उफान पर हैं। सोन नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नदी में उफान आ गया है। हाल यह है कि शुक्रवार को नदी में अचानक 5.39 लाख क्यूसेक पानी आ गया। यह बीते आठ वर्षों के बाद का सर्वाधिक जलस्तर है।

इसके बाद सोन नदी पटना के मनेर में खतरे के निशान के काफी निकट पहुंच गयी है। इसके पहले वर्ष 2016 में सोन में 11.65 लाख क्यूसेक पानी आया था। जल संसाधन विभाग ने नदी में उफान के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है। उधर, सूबे की सारी नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। गंगा नदी पटना में लाल निशान के पार हो गयी है जबकि अन्य स्थानों पर इसका जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

पटना में नदी के जलस्तर में हर घंटे दो सेंटीमीटर वृद्धि हो रही है। इसके अलावा कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, महानंदा, घाघरा नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि जारी है। इनमें से कोसी, गंडक, सोन, बागमती नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। वहीं गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से दियारा क्षेत्र के नीचे इलाके में पानी फैलने लगा है। नदी का पानी दियारा क्षेत्र के नवदियरी, मानस गांवों के बाहर निचले इलाके में फैलने लगा है। जलस्तर लगातार बढ़ने से दियारा वासियों के बीच परेशानी बढ़ती जा रही है।

वहीं धनरुआ के 12 और फतुहा के दो गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। फल्गु में अचानक छोड़े गए पानी ने गुरुवार को धनरुआ के कई गांवों में पानी घुस गया है। तेज प्रवाह के कारण कररुआ नदी उफान पर आ गई और कई जगहों पर पुराने बांधों ने दम तोड़ दिया। नतीजा यह हुआ कि वीर, बहरामपुर, कुशवन दौलता, अरमल, सिराधीपर, चकरमल टोला, नोनिया बीघा जैसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया।







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